आजादी के बाद ट्रैक्टर से नदी पार कर पहली बार नक्सल प्रभावित गांव पहुंचे मंत्री और डीसी
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चाईबासा (CHAIBASA) पश्चिम सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित और सबसे दुर्गम इलाका गुदड़ी में राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री जोबा मांझी जिला के अधिकारियों के साथ पहुंची. यह गुदड़ी के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा. बता दें कि आजादी के 75 वर्षों में पहली बार कोई जिलाधिकारी इस इलाके में पहुंचा, जहां लोगों की समस्याओं का निदान किया गया.. राज्य की कैबिनेट मंत्री जोबा मांझी और डीसी अनन्य मित्तल गुदड़ी के बांदू पंचायत के कमरगांव पहुंचे थे. जिला मुख्यालय चाईबासा से करीब 110 किमी दूर इस गांव में अबुआ दिशुम अबुआ राज की परिकल्पना को साकार करने की सोच नजर आई. मौका था आपके अधिकार, आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम का. यह इलाका इतना दुर्गम है कि यहां कोयल नदी को पार करने के लिए नाव की व्यवस्था तक नहीं थी, लिहाजा मंत्री महोदया और डीसी को ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा. ट्रैक्टर में मंत्री महोदया और डीसी के लिए एक-एक कुर्सी लगाई गई और उसी पर अन्य अधिकारी और सुरक्षा कर्मी भी सवार हुए.
सभी विभागों ने लगाया स्टॉल
कार्यक्रम में जिले के सभी विभागों के द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाया था. जहां स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उनसे आवेदन भी लिए गए. शिविर में 79.12 एकड़ भूमि पर 46 लोगों को वनपट्टा का लाभ दिया गया. वहीं 53 छात्रों के जाति प्रमाणपत्र निर्गत किए गए. इसके साथ ही 20 लाभुकों के बीच कृषि यंत्र और 200 वृद्ध जनों के बीच कंबल का वितरण भी किया गया. वहीं मंत्री जोबा माझी ने गुदड़ी प्रखंड कार्यालय में प्रत्येक सप्ताह बुधवार और गुरुवार को कैम्प लगाकर प्रखंड के अधिकारियों को लोगों की फरियाद सुनने और समस्याओं के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया. कार्यक्रम में गुदड़ी के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी सुधीर प्रकाश, जिला शिक्षा पदाधिकारी नीरजा कुजूर, अंचलाधिकारी सागरी बराल, मुखिया दुनू लोमगा, जिला परिषद सदस्य आइलिना बरजो, मानकी मनोहर बरजो समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.
10 साल पुरानी है पुल की मांग
बता दें कि अति नक्सल प्रभावित गुदड़ी प्रखंड के गुदड़ी गांव के ग्रामीणों द्वारा कोयल नदी पर पुल निर्माण की मांग पिछले 10 वर्ष से की जा रही है. पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आए-दिन आवागमन की समस्या होती है. वहीं बारिश के दिनों में तो लोगों को मुख्याल्य तक पहुंतने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है. वहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा अक्सर एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाया जाता हैं. यही कारण है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यहां पुल निर्माण अत्यंत जरूरी है.
डीसी ने जल्द पुल बनाने का दिया भरोसा
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अनन्य मित्तल से जब कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में हुई परेशानियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव मंत्री सह स्थानीय विधायक की ओर से दिया गया है. फिलहाल प्रस्ताव टेंडर के लिए विभाग के पास है और उम्मीद की जा रही है कि इस इलाके में पुल निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा.
भाजपा ने मंत्री पर कसा तंज
मंत्री और डीसी सहित अन्य अधिकारियों के ट्रैक्टर से नदी पार करने पर भाजपा ने तंज कसा है. चक्रधरपुर के भाजपा नेता अशोक षाडंगी ने कहा कि मंत्री जोबा मांझी 1995 से स्थानीय विधायक रही हैं और कई सरकार में भी मंत्री भी रहीं, इसके बावजूद अपने इलाके में एक पुल नहीं बना सकी, जिसके कारण खुद उन्हें ट्रैक्टर से नदी पार करना पडा है.
रिपोर्ट : जय कुमार, चाईबासा/ तारिक अनवर, गोईलकेरा
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