मंदिर मसले पर यहां बज गई डुगडुगी, तीर-धनुष, लाठी लेकर जुटे लोग फिर पुलिस ने ये किया


धनबाद(DHANBAD) : टुंडी में शुक्रवार को अरवाटांड़ में सरना धर्मावलंबियों में आक्रोश था. लोग डुगडुगी बजाकर लोगों से जुटने की अपील कर रहे थे. गुरुजी के नेतृत्व में जब झारखण्ड अलग राज्य और महाजनों के खिलाफ आंदोलन चरम पर था, तब ऐसे ही डुगडुगी बजाकर लोगों को जमा किया जाता था. शुक्रवार का नजारा भी कुछ ऐसा ही था. क्या छोटे, क्या बड़े सभी गड़ास, तीर धनुष, लाठी लेकर अरवाटांड़ स्कूल के बगल में जुटने लगे. देखते ही देखते सेकड़ों लोग जुट गए.
क्या था मामला
अरवाटांड़ स्कूल के बगल में एक टुंगरी है, जिसे आदिवासी अपना जाहेर थान मानते हैं, उनके अनुसार वे लोग वहां पूजा पाठ भी अपनी रीति के अनुसार करते हैं. अचानक शुक्रवार को वहां पर चारो तरफ झंडा गाड़ दिया गया और शिवलिंग की स्थापना कर दी गई. वहां के कुछ लोगो का कहना था कि यह जमीन गैर आदिवासी है जबकि आदिवासियों का कहना था कि उक्त जमीन नया खतियान में जाहेरथान का है. इस विवादित जगह के लिए पहले भी बैठक हो चुकी है. लेकिन बात नहीं बनी. इस मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने थे. मामले को बिगड़ता देख कुछ लोगों ने टुंडी पुलिस को इसकी खबर दी.
टुंडी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. इसी दौरान झामुमो प्रखंड अध्यक्ष फूलचंद किस्कु, पुरनाडीह पंचायत समिति के सरवन बेसरा, भाजपा नेता गोपाल पांडेय भी पहुंचे. सभी के सामूहिक प्रयास से दोनो पक्षो को वहां से हटाया गया और आश्वासन दिया गया कि दोनों पक्ष के लोगो को, टुंडी अंचलाधिकारी ओर प्रबुद्ध लोगों के साथ थाना में बैठक कर रास्ता निकालेंगे.
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड (धनबाद)
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