2022 से शुरू हो जाएगी देवघर एयरपोर्ट से उड़ानें, जानिए क्या है इसकी खास बातें

    2022 से  शुरू हो जाएगी देवघर एयरपोर्ट से उड़ानें, जानिए क्या है इसकी खास बातें

    देवघर (DEOGHAR) : देवघर एक प्रसिद्ध तीर्थनगरी के साथ कई मनोरम पर्यटन स्थल के लिए भी जाना जाता है. ऐसे में देवघर स्थित पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए देश-विदेश से लोग आसानी से हवाई मार्ग से यहां पहुंच सकेंगे. साथ ही यहां के मनोरम पर्यटन स्थल का भ्रमण करने भी पर्यटकों का यहां पहुंचना आसान हो जाएगा. हवाई मार्ग से जुड़ जाने के बाद अब विदेशी सैलानियों का भी यहां आना आसान हो जाएगा. दुनिया के बड़े शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ जाने के बाद यहां के प्रतिभाशाली छात्रों को भी आवागमन की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा. इतना ही नहीं, इससे इस क्षेत्र में उद्योग-धंधे को भी काफी बढ़ावा मिलेगा. फिलहाल देवघर से पटना, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, बंगलोर जैसे मुख्य शहरों के लिए कमर्शियल उड़ान शुरू होने की संभावना है. हवाई सेवा शुरू होने के बाद चिकित्सा के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

    कहां तक पहुंचा है देवघर एयरपोर्ट का काम

    जिले में हवाई अड्डा निर्माण का कार्य फिनिशिंग टच में है. लगभग 654 एकड़ जमीन पर बनी इस हवाई अड्डा के निर्माण पर करीब 401 करोड़ की लागत लगेगी. इसी वर्ष अंत तक इसका निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है. इस एयरपोर्ट पर 2022 से हवाई सेवा शुरू होने की बात की जा रही है. अभी एयरपोर्ट में कुछ सिविल वर्क, लाइटिंग, फायर-स्टाफ की नियुक्ति सहित कई काम बाकी हैं. इसका टर्मिनल भवन 4000 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में बनाया गया है. 2500 मीटर लंबे रनवे के साथ ये एयरपोर्ट एयरबस 320 आदि विमानों के ऑपरेशन के लिए बिल्कुल उपयुक्त है. एयरपोर्ट का Atc टावर भी बन कर तैयार है, सिर्फ कर्मी की प्रतिनियुक्ति होनी बाकी है. वहीं फायर सेफ्टी के लिए फायर बिग्रेड की गाड़ी आ चुकी हैं. इसके कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति करनी अभी बाकी है. अप्प्रोच रोड पर लाइटिंग की सुविधा अभी बाकी है. इसी साल दिसंबर तक सारे अधूरे काम पूरा करने की बात कही जा रही है.

    टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर बनी है बाबा मंदिर की आकृति

    टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर बाबा मंदिर की आकृति बनी हुई है. हवाई यात्रा से इस एयरपोर्ट पर उतरने के बाद यात्रियों को एहसास दिलाएगा की बाबा की नगरी में उतर गए हैं. टर्मिनल भवन में छह चेक-इन काउंटर होंगे, दो आगमन प्वाइंट और भीड़-भाड़ की स्थिति में यहां 200 यात्रियों को संभालने की क्षमता है. एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, DRDO और झारखंड सरकार के सहयोग से देवघर एयरपोर्ट का निर्माण कराया गया है. टर्मिनल भवन के सामने पार्क और इसके सामने सोलर ऊर्जा प्लांट लगाया गया है. इसी सोलर प्लांट से टर्मिनल भवन को विद्युत आपूर्ति की जाएगी, जिससे बिजली का खर्च बचेगा.

    एयरपोर्ट से टुरिज़म को मिलेगा बढ़ावा

    कहा जाता है कि किसी भी क्षेत्र के विकास की मंजिल परिवहन सुविधाओं के रास्ते ही तय होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए देवघर एयरपोर्ट निर्माण की योजना स्वीकृत हुई. इस एयरपोर्ट से झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के आधा दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को हवाई यात्रा का लाभ मिल सकेगा. ऐसे में एयरपोर्ट शुरू हो जाने से इस क्षेत्र में स्प्रिचुअल टुरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद की जा रही है. उद्योग धंधों का तेज़ी से विस्तार होगा जिससे रोजी-रोजगार के नए अवसर तो विकसित होंगे ही, पलायन पर भी रोक लगेगा. इसके साथ ही तीर्थ और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा.

    रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर

     

     


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