बाघमारा में ढुल्लू-कारू के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प में दो घायल, क्षेत्र में तनाव बरकरार, पुलिस कर रही कैंप


धनबाद(DHANBAD) - बीसीसीएल के लिए काम कर रही रामअवतार आउटसोर्सिंग कंपनी में वर्चस्व की जंग में फिर से मारपीट की घटना होने की खबर सामने आई है. मौके पर बम-गोली तो नहीं चले, लेकिन लाठी-डंडे खूब चमके. मारपीट करने वाले दोनों गुट एक दूसरे को देख लेने की चेतावनी दे रहे थे. एक गुट पर बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो का वरदहस्त है तो दूसरा गुट पर सत्तारूढ़ झामुमो से जुड़े कारु यादव का है. विधायक ढुल्लू महतो के पास समर्थकों की ताकत है, तो वहीं कारू यादव के पास अभी सत्ता की ताकत है. ये लड़ाई आउटसोर्सिंग में वर्चस्व कायम करने को लेकर हो रही है. मजेदार बात ये है कि अवांछित गतिविधि के कारण हाल ही में झामुमो से कारू यादव के निष्काषन की भी ख़बर आई थी.
पुलिस कर रही कैंप
बता दें कि राम अवतार आउटसोर्सिंग कंपनी बीसीसीएल के बरोरा एरिया में काम कर रही है. यह एरिया रंगदारों से प्रभावित रहा है. जानकारी के अनुसार घटना डुमरा-फुलारीटांड मार्ग पर गणेशपुर में घटी. झड़प में कालू यादव के दो समर्थक घायल हो गए है. सूचना पाकर पुलिस पहुंची और दोनों गुट के समर्थकों को लाठी के जोर पर भगाया गया. जिसके बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस अभी वहां कैंप कर रही है, लेकिन दोनों गुट के लोग भी मोर्चाबंदी किए हुए हैं. साथ ही दोनों गुट मौका मिलते ही टकराने पर आमदा है.
आउटसोर्सिंग में आंदोलन यानि धन कमाने का जरिया
सबको मालूम है कि आउटसोर्सिंग कंपनियों में यहां के ताकतवर राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग नियोजन और रोजगार दिलाने के नाम पर आंदोलन शुरू करते हैं. वहीं हकीकत में उनका असली मकसद वसूली होता है. कभी-कभी तो मुंशीगिरी की आड़ में भी रंगदारी की जाती है. अभी बाघमारा इलाका सबसे ज्यादा अशांत बना हुआ है. देखना होगा पुलिस इस मामले से कैसे निपट पाती है. हाल ही में काम हासिल करने वाली बीसीसीएल की नई आउटसोर्सिंग राम अवतार कम्पनी को कनकनी में अपने काम को शुरू करने के लिए नाकों चने चबाना पड़ रहा है. कभी ढुल्लू गुट ,कभी जलेश्वर गुट ,कभी झामुमो के समर्थन में चौहान गुट तो कभी कोई और गुट काम को शुरू नहीं होने दे रहा है. ऐसे में 800 करोड़ की पूंजी निवेश कर कोल उत्पादन में जुटी धनबाद की स्थानीय राम अवतार कंपनी अब तक रंगदारों के आगे घुटने टेकने के लिए तैयार नहीं हुई है. इसीलिए कोयला उत्पादन सुगमता से शुरू नहीं हो पाई है. वैसे जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन की सख्ती से उम्मीद है कि कंपनी का उत्पादन जल्द शुरू होगी. वहीं कंपनी प्रबंधन ने भी रांची और दिल्ली मुख्यालय को उत्पादन में आ रहीं अड़चनों से अवगत करा दिया है.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद
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