पंचेत जलाशय में छोड़े गए 12 लाख मछली के जीरे ,जानिए क्या होंगे इसके फायदे
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धनबाद(DHANBAD) | पंचेत जलाशय में शनिवार को मत्स्य विभाग की और से 12 लाख मछली का जीरा डाला गया. इस मौके पर उप मत्स्य निदेशक संजय कुमार गुप्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी, श्रीमती उषा किरण सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे. जिला मत्स्य पदाधिकारी, श्रीमती उषा किरण ने कहा पंचेत जलाशय में भारतीय मेजर कार्प प्रजाति के 9 लाख 50 हजार और ग्रास कार्प प्रजाति के 2 लाख 50 हजार जीरा डाला गया है. सभी की साईज अंगुलिका के आकार की है, जो तेजी से वृद्धि करेंगे. उप मत्स्य निदेशक ने कहा इस कार्यक्रम से पंचेत जलाशय में मछली की कमी नहीं रहेगी. उन्होनें मत्स्य जीवी सहयोग समिति को आर्थिक लाभ होने की बात कही. पंचेत डैम में मछली पकड़कर बेचने के कार्य में समिति के सदस्य लगे हुए है. कई परिवारों का इससे भरन-पोषण होता है. अब मछली का जीरा डालकर विभाग समिति को आर्थिक रूप से सबल बनाने का काम कर रही है. उन्होनें कहा कि पहले नदी- नाले में मछली का प्रजनन होता था, उक्त जलाशयों में मछली अण्डा देती थी, जो पानी के बहाव के साथ ईधर-उधर होते रहते थे.
नदी नालो के सिमटने से काम मिलती है मछलियां
इससे सभी स्थान पर मछली मिलती थी, लेकिन आज नदी नाले सिमट गये है. पानी का बहाव रोकने के लिए चेकडैम सहित अन्य उपाय किये गये है. उन्होंने बताया कि तालाबों में बाहर का पानी बहुत कम मात्रा में आता है, इससे मछलियों की संख्या घटती जा रही है. पंचेत जलाशय से नित्य मछली पकड़ने का काम किया जाता है, जिसकी भरपाई नहीं होने से कई परिवार के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है. मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य अंगुलिकाओं के संचयन से मछली की कमी नहीं होगी, इस दौरान समिति सदस्यों को भी आवश्यक टिप्स दिये गए. जिला मत्स्य पदाधिकारी श्रीमती उषा किरण ने बताया कि नौ नवम्बर को धनबाद जिला अवस्थित मैथन जलाशय में उप मत्स्य निदेशक संजय गुप्ता की उपस्थिति में संचयन समिति के सदस्यों के समक्ष 7.70 लाख IMC एवं 2 लाख ग्रास कार्प मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन कराया गया. वहीं दस नवम्बर को धनबाद जिला अवस्थित मैथन जलाशय में द्वितीय चरण में संचयन समिति के सदस्यों के समक्ष 7.80 लाख IMC एवं 3 लाख ग्रास कार्प मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन कराया गया.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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