पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को मिलेगा भारत रत्न, पीएम मोदी बोले- मेरे लिए भावुक क्षण

    पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को मिलेगा भारत रत्न, पीएम मोदी बोले- मेरे लिए भावुक क्षण

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK) : शुक्रवार को मोदी सरकार ने बड़ा एलान किया है. मोदी सरकार ने राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का एलान किया है. भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अब देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होंगे. 96 साल की उम्र में आडवाणी को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. इसका एलान पीएम मोदी ने खुद की. पीएम मोदी ने जानकारी देते हुए कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. मैंने भी उनसे बात की और इस सम्मान से सम्मानित होने पर उन्हें बधाई दी. हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक, भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है. आडवाणी को भारत रत्न मिलना मेरे लिए भावुक क्षण है. बता दें कि इससे पहले मोदी सरकार ने बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का एलान किया था. 

    जनता की सेवा में आडवाणी की पारदर्शिता हमेशा रहेगी याद  : पीएम मोदी

    पीएम मोदी ने कहा कि आडवाणी ने हमारे गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. उनके संसदीय काम हमेशा अनुकरणीय और समृद्ध अंतर्दृष्टि से भरे रहे हैं. जनता की सेवा में आडवाणी की पारदर्शिता हमेशा याद रहेगी. लालकृष्ण आडवाणी का जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर उपप्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक का है. आडवाणी ने राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है. उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं.

    आडवाणी से सीखने के मिले अनगिनत अवसर

    पीएम ने कहा कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है. मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले.

    पाकिस्तान के कराची में हुआ था आडवाणी का जन्म

    लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं. 96 वर्षीय आडवाणी का जन्म 1927 में पाकिस्तान के कराची में हुआ था. साल 1942 में ही वो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में शामिल हुए और आजादी के संघर्ष में अपना योगदान दिया. 1947 में देश के आजाद होने और भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद वो परिवार के साथ सिंध से दिल्ली आ गए. यहां वो पहले जनसंघ से जुड़े और फिर आपातकाल के बाद भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य बने. 1988 में वो पहली बार भारत के गृह मंत्री बने. जून 2002 से मई 2004 तक अटल बिहार वाजपेयी की सरकार के दौरान वो देश के उप प्रधानमंत्री रहे.

     रिपोर्ट: संजीव ठाकुर 

     


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