बजट 2026: ‘विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत कदम, बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ पर बड़ा फोकस, वित्त मंत्री का भाषण जारी


TNP DESK- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगी. भारत वैश्विक बाजार के साथ गहराई से जुड़ा रहेगा. बजट के पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए उन्होंने देश के नागरिकों का आभार जताया और कहा कि जनता ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई है.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति, युवाओं, महिलाओं और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे. यह बजट युवा शक्ति से प्रेरित है. सुधारों के जरिए शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचे को और मजबूत किया जाएगा.
बायो-फार्मा शक्ति पर जोर
बजट में ‘बायो फार्मा शक्ति’ को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है. ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के जरिए इस क्षेत्र में विकास होगा. किफायती दवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. भारत को वैश्विक बायो-फार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. तीन नए राष्ट्रीय बायो-फार्मा संस्थान स्थापित होंगे. सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा. सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को भी मजबूत किया जाएगा.
सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति
सेमीकंडक्टर मिशन के तहत उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में लक्ष्य से दोगुना हासिल होने की जानकारी दी गई. इस क्षेत्र में 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है.
रेयर अर्थ कॉरिडोर का विकास
आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इन क्षेत्रों में खनन और शोध को बढ़ावा दिया जाएगा.
आर्थिक विकास के लिए सात प्रमुख पहलें
आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए सात क्षेत्रों में पहल शुरू की जाएगी. इनमें रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना. विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प. चैंपियन एमएसएमई का निर्माण. अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन. दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना. और शहरों में नए आर्थिक क्षेत्रों का विकास शामिल है.
कुल मिलाकर बजट 2026 आत्मनिर्भरता, नवाचार और समावेशी विकास पर केंद्रित है. इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है.
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