मणिपुर में अब और 10 हजार लोगों ने छोड़ा अपना घर, मैतेई लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एयरलिफ्ट की तैयारी

    मणिपुर में अब और 10 हजार लोगों ने छोड़ा अपना घर, मैतेई लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एयरलिफ्ट की तैयारी

    TNPDESK- 4 मई को कुकी जनजाति समुदाय की महिलाओं के साथ सार्वजनिक बलात्कार और नग्न परेड का वीडियो वायरल होने के बाद  पूरे देश में हाहाकार की स्थिति है, पिछले 80 दिनों से सामुदायिक हिंसा में जलता रहा मणिपुर अचानक से राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गया, केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार से जवाब मांगे जाने लगे, उनकी डबल इंजन की सरकार के दावे पर प्रश्न चिह्नि खड़े किया जाने लगे, मणिपुर की डबल इंजन की सरकार को नकारा बताया जाने लगा, उस नृशंस वीडियो को देखकर देश की सर्वोच्च अदालत ने भी केन्द्र सरकार को फटकार लगायी और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में परिणाम भुगतने को तैयार रहने को कहा गया.

    नग्न परेड का वीडिया सामने आने के बाद कुकी और मैतेई में बढ़ता जा रहा सामाजिक तनाव

    कुकी जनजाति महिलाओं का नग्न परेड सामने आने के बाद कुकी जनजाति समुदाय में भी आक्रोश देखा जाने लगा, और जिसकी झलक 22 जुलाई की रात को चुराचांदपुर और इंफाल के आसपास बसे मैतेई और कुकी समुदाय के बीच फायरिंग में देखने को मिली. स्थिति इतनी खराब हो गयी कि विष्णुपुर के थोरबुंग में भीड़ ने एक स्कूल सहित कई घरों को आग के हवाले कर दिया.

    एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन (PAMRA) ने मैतेई लोगों के लिए जारी की एडवाइजरी

    इस तनातनी के बीच मिजो नेशनल फ्रंट से जुड़े एक संगठन पीस अकॉर्ड एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन (PAMRA) ने एक बयान जारी करके कहा कि मैतेई लोगों को मिजोरम छोड़ने की सलाह दी दी, इस संगठन ने दावा किया है कि इस घटना को लेकर मीजो समुदाय में काफी आक्रोश है,  इसलिए सुरक्षा के ख्याल से बेहतर है कि मिजोरम में रहने वाले मैतेई समुदाय के लोग मिजोरम छोड़ दें. इस एडवाइजरी को जारी होती ही मैतेई समुदाय में भय का माहौल पैदा हो गया, और पिछले चंद दिनों में 10 हजार से ज्यादा मैतेई लोगों ने अपना घर द्वारा छोड़ दिया, वे सुरक्षित स्थान की खोज में निकल पड़े हैं. जैसे ही यह खबर सामने आयी एन वीरेन की सरकार ने उन्हे एयरलिफ्ट करने का निर्णय लिया, लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर लाया जा रहा है. अब तक 40 लोग  मिजोरम छोड़ कर मणिपुर आ चुके हैं.

    एन. वीरेन की सरकार पर कुकी जनसमुदाय के साथ भेदभाव के लगते रहे हैं आरोप

    ध्यान रहे कि एन वीरेन भी खुद मैतेई समुदाय से आते हैं और उन पर कुकी जनजातियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगता रहा है. जब कुकी जनजातियों के द्वारा पलायन किया जा रहा था, तब उनकी निष्क्रियता पर कई सवाल खड़े किये गये थें.


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