बोकारो : 15वें वित्त आयोग के तहत धरातल पर तो हो रहे काम , लेकिन गुणवत्ता पर लग रहा सवालिया निशान

    बोकारो : 15वें वित्त आयोग के तहत धरातल पर तो हो रहे काम , लेकिन गुणवत्ता पर लग रहा सवालिया निशान

    बोकारो (BOKARO) : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत साड़म पश्चिमी पंचायत स्थित कमल जैन के घर से बैकुंठ चौधरी के घर तक बन रहे ढक्कन सहित नाली निर्माण कार्य के गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं. इस संबंध में स्थानीय निवासी शेखर पासवान ने कहा कि यह कार्य  गुणवत्ता को ताक में रखकर कराया जा रहा है. कार्य मे टुकड़े ईंट का प्रयोग किया जा रहा है. सीमेंट और  गिट्टी भी निम्न स्तर का लगाया जा रहा है. वहीं इस संबंध में संबंधित कनीय अभियंता से पूछे जाने पर उन्होंने जांच करने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया. मालूम हो कि यह कार्य 15 वें वित्त आयोग के मद अंतर्गत लगभग तीन लाख रुपए की लागत से हो रहा है.

    क्या है 15 वें वित्त आयोग के मद का उद्देश्य

    15वें वित्त आयोग ने 2022-23 से 2025-26 तक कुल 4,800 करोड़ रुपये (प्रत्येक वर्ष 1,200 करोड़ रुपये) के अनुदान की सिफारिश की है. इसका उद्देश्य राज्यों को शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है. बढ़ावा देने की सिफारिश की है. 15वें वित्त आयोगका आंकलन है कि अगले 5 साल में सकल कर राजस्व 135.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा. उसमें से, डिविजबल पूल (सेस और सरचार्ज और कलेक्शन की लागत) में कटौती के बाद राजस्व 103 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान. राज्यों को 41 प्रतिशत हिस्सेदारी के तहत 2021-26 अवधि में 42.2 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे.

    रिपोर्ट : संजय कुमार, बोकारो, गोमिया 


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