अगर जिंदगी में आप है निराश तो इन आदतों को अपनाएं, पॉजिटिव करेंगें खुद को महसूस

    अगर जिंदगी में आप है निराश तो इन आदतों को अपनाएं, पॉजिटिव करेंगें खुद को महसूस

    टीएनपी डेस्क: इस भाग दौड़ वाली जिंदगी में पॉजिटीव रहना भी अपने आप में एक कला है. हमारे आस पास कई लोग ऐसे हैं जो नेगेटीव सोच रखते हैं और उनके साथ रहकर हम भी नेगेटिव (Negative) ही सोचने लगते हैं. करियर में होने वाले उतार चढ़ाव से भी हमारे दिमाग में नेगेटिव ख्याल (Negative thoughts) आने लगते हैं, जिसका असर सीधा हमारे मेंटल हेल्थ पर पड़ता है. मेंटल हेल्थ के खराब होने से न केवल हम कई मानसिक बीमारियों से घिर जाते हैं, बल्कि हमारा करियर और स्वास्थ्य भी दांव पर लग जाता है. इसलिए जिंदगी में हमारा पॉजिटिव (Positive) रहना जरूरी है. पॉजिटिव रहने से हमारी जिंदगी खुशनुमा हो जाती है. हमारे आस पास की नेगेटिव चीजों का असर हमारे मेंटल हेल्थ पर नहीं पड़ता है और हम करियर में ग्रोथ के साथ साथ आप बड़ी से बड़ी मुसीबतों का डट कर सामना कर पाते हैं. इस आर्टिकल में पढिए की कैसे आप खुद को पॉजिटिव रख सकते हैं.

    पॉजिटिव लोगों के साथ करे दोस्ती

    कहा जाता है कि, संगति का असर पड़ता है. यानी की आप जिसके साथ रहेंगे उनका असर आप पर होगा ही. हमारी जिंदगी में हमेशा दो तरह के लोग आते हैं. एक होते हैं नेगेटिव जिनकी सोच नकारात्मक होती है और वह हर बात पर अपने नकारात्मक विचारों से आपके मनोबल को घटाने का काम करते हैं. साथ ही ऐसे नेगेटिव लोगों के साथ रहकर आप की भी सोच धीरे धीरे नेगेटिव होते जाती है. जिसके बाद आप भी हर चीज में या कुछ भी करने से पहले अपने नकारात्मक विचारों को ले आते हैं. ये नकारात्मक विचार आपकी जिंदगी में जहर का काम करती है. धीरे धीरे आपका मेंटल हेल्थ खराब होता जाता है और आप डिप्रेशन और ऐंगज़ाइइटी जैसे बीमारी का शिकार हो जाते हैं. वहीं, दूसरी तरफ हमारी जिंदगी में पॉजिटिव लोग आते हैं, जिनके सकारात्मक विचार हमारी जिंदगी में अमृत का काम करती है.  हम उनके सकारात्मक विचारों को सुन कर खुद में आत्मविश्वास लाते हैं और अपने करियर में ग्रोथ करते हैं. साथ ही आपकी मेंटल हेल्थ भी अच्छी रहती है. इसलिए जरूरी है कि, आप हमेशा अपने साथ रहने वाले लोगों की सही तरीके से पहचान करें. नेगेटिव लोगों के साथ कम और पॉजिटिव लोगों के साथ ज्यादा दोस्ती रखे.   

    मेडिटेशन करें

    मेडिटेशन करने से आपकी एकाग्रता की क्षमता बढ़ती है और आपका दिमाग शांत हो जाता है. साथ ही मेडिटेशन करने से आप अपने आस पास पॉजिटिव एनर्जी महसूस करते हैं. मेडिटेशन आप कभी भी कर सकते हैं. इसके लिए आप एक शांत जगह पर बैठ कर अपनी आंखें बंद कर अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. ऐसा करने से आपको रिलीफ़ मिलेगा और आप सकारात्मक ऊर्जा को महसूस कर सकेंगे.

    व्यायाम करें

    शारीरिक गतिविधियां हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर एक गहरा प्रभाव डालती है. एक्सर्साइज़ करने से आपका शरीर एंडोर्फिन नाम का रसायन जारी करता है जो आपको अच्छा और हल्का महसूस कराता है. इसलिए अपने दैनिक जीवन में हफ्ते में तीन बार कम से कम जिम जाएं और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएं.

    अपने पसंदीदा काम में मन लगाएं

    अगर आपके मन में किसी बात को लेकर नेगेटिविटी आ रही हो तो आप अपने दिमाग को शांत करने के लिए अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं. इन पसंदीदा कामों में पेंटिंग, कुकिंग, डांसींग, सिंगिंग जैसे अपना फेवरेट काम कर सकते हैं.

    घुमना भी है अच्छा ऑप्शन  

    कई बार घर पर बैठे रहने और बाहर न निकलने से भी हमारे दिमाग में नेगेटिव ख्याल आने लगते हैं. इसलिए जरूरी है की आप हफ्ते या महीने में कम से कम एक बार तो बाहर निकले और अपनी पसंद की जगह जाएं. इससे आपका दिमाग शांत भी होगा और आप अपने कामों से रीलैक्स महसूस करेंगे.

     


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