कैरव गांधी किडनैपिंग मामला : 10 करोड़ की फिरौती और विदेशी कॉल! अपहरण के 9 दिनों के बाद भी पुलिस के हाथ खाली 

    कैरव गांधी किडनैपिंग मामला : 10 करोड़ की फिरौती और विदेशी कॉल! अपहरण के 9 दिनों के बाद भी पुलिस के हाथ खाली 

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. 13 जनवरी को हुए इस अपहरण के बाद अब 20 जनवरी को अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है. हैरानी की बात यह है कि कैरव के परिजनों को इंडोनेशिया के नंबर से कई बार कॉल भी आ चुके हैं. पूरे मामले को सुलझाने में झारखंड पुलिस के साथ-साथ दूसरे राज्यों की पुलिस भी जुटी हुई है.

    13 जनवरी को दिनदहाड़े, घर से महज 100 मीटर की दूरी पर सफेद रंग की स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने कैरव का अपहरण कर लिया था. इस स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और ऊपर पुलिस का सायरन भी लगाया गया था, ताकि किसी को शक न हो.

    क्रेटा से उतारकर स्कॉर्पियो में किया गया अपहरण

    पुलिस जांच में सामने आया है कि 13 जनवरी को दोपहर 12.55 बजे कैरव अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे. कदमा-सोनारी लिंक रोड गोलचक्कर से मुड़ने के बाद वे करीब 1.05 बजे वापस सीएच एरिया गोलचक्कर पहुंचे. इसके बाद वे साईं मंदिर के रास्ते मरीन ड्राइव की ओर बढ़े.

    इसी दौरान उनके घर से निकलते ही एक सफेद स्कॉर्पियो उनका पीछा करने लगी. स्कॉर्पियो में पांच युवक सवार थे और ऊपर पुलिस जैसा लाल सायरन लगा था. सीएच एरिया गोलचक्कर से साईं मंदिर के बीच स्कॉर्पियो ने कैरव की कार को ओवरटेक कर रोका. इसके बाद स्कॉर्पियो से उतरे दो अपराधी जबरन कैरव की कार में बैठ गए, उन्हें धमकाया और उनका मोबाइल छीनकर बंद कर दिया.

    कांदरबेड़ा में छोड़ी गई कैरव की क्रेटा

    कैरव को बंधक बनाकर अपराधी उसे कांदरबेड़ा के एक सुनसान इलाके में ले गए. वहां कैरव को क्रेटा से उतारकर जबरन सफेद स्कॉर्पियो में बैठाया गया, जबकि उनकी कार कांदरबेड़ा में ही छोड़ दी गई.

    पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में उस स्कॉर्पियो की तस्वीर मिली है. जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो पर लगी नंबर प्लेट कोडरमा के एक बोलेरो वाहन की है. फिलहाल पुलिस उसी स्कॉर्पियो की तलाश में जुटी है. अपहरण के बाद अपराधी चांडिल-चौका मार्ग से बुंडू टोल प्लाजा पार करते हुए सुनसान रास्ते की ओर निकल गए, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है.

    लगातार खंगाले जा रहे हैं सीसीटीवी फुटेज

    अपहरण के बाद पुलिस संगठित आपराधिक गिरोह की तलाश में सीएच एरिया से कांदरबेड़ा तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. फुटेज में कैरव की कार साफ दिखाई देती है. वह सीएच एरिया से साईं मंदिर के रास्ते डोबो पुल होते हुए कांदरबेड़ा की ओर जाते नजर आते हैं.
    सीएच एरिया के पास एक फुटेज में कैरव कार चलाते दिखे हैं, लेकिन कार की रफ्तार तेज होने के कारण अंदर बैठे अन्य लोगों की पहचान नहीं हो पाई. सरायकेला के चांडिल एसडीपीओ, इंस्पेक्टर और कपाली ओपी की टीम ने डोबो से कांदरबेड़ा तक के बीट सीसीटीवी फुटेज की जांच की है. करीब 1.15 बजे डोबो पुल से कार को कांदरबेड़ा की ओर जाते देखा गया, लेकिन जहां कार लावारिश हालत में मिली, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं होने से सुराग अब तक नहीं मिल पाया है.

    एटीएस और सीआईडी भी उतरीं तलाश में

    कैरव गांधी की तलाश के लिए अब सीआईडी और एटीएस की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं. पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, इस अपहरण मामले की जांच के लिए जमशेदपुर और सरायकेला की संयुक्त एसआईटी बनाई गई है. यह टीम झारखंड के अलावा बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी छापेमारी कर रही है.

    एसआईटी की मदद के लिए एटीएस और सीआईडी के इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को लगाया गया है. पूरे ऑपरेशन की निगरानी खुद डीजीपी तदाशा मिश्रा कर रही हैं और लगातार टीम से अपडेट ले रही हैं.

    नौ दिन बीत जाने के बाद भी कैरव गांधी का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है. हालांकि, परिजन अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कैरव सुरक्षित घर लौटेंगे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, एसआईटी बिहार के पटना, हाजीपुर, जहानाबाद और भागलपुर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बर्द्धमान और हावड़ा में छापेमारी कर रही है. इस मामले में हाजीपुर से चंदन सोनार गिरोह के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं, सोनारी के सोनू नाम के युवक से भी पूछताछ हो रही है, जिसके हाजीपुर के अपराधियों से संपर्क के संकेत मिले हैं.


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