पहली बार आदिवासी का विदेश प्रभाव! हेमंत के बाद कल्पना को मिला सर्वोच्च सम्मान

    पहली बार आदिवासी का विदेश प्रभाव! हेमंत के बाद कल्पना को मिला सर्वोच्च सम्मान

    रांची(RANCHI): झारखंड की आवाज विदेश तक गूंज रही है. पहली बार एक आदिवासी मुख्यमंत्री वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मजबूती से अपनी बात वैश्विक मंच पर रख रहे है. साथ ही गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन  महिला उद्योग के साथ साथ महिला सशक्तिकरण पर फोकस किया है. इसी कड़ी में यह पहला मौका है जब दो आदिवासी को मंच के द्वारा सर्वोच्च सम्मान व्हाइट बैज से सम्मानित किया गया. यह पल झारखण्ड के लिए गर्व करने वाला है.

    आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय

    यह उपलब्धि केवल झारखण्ड के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है. यह सम्मान आदिवासी पहचान, नेतृत्व और आवाज़ को विश्व स्तर पर मजबूती देती है.यह दर्शाता है कि झारखण्ड ना सिर्फ संसाधनों से परिपूर्ण नहीं, बल्कि दुनिया के समक्ष अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है. यह सम्मान गौरव और प्रतिनिधित्व का प्रतीक है. यह सम्मान मिलने से ’जोहार’ की गूंज मजबूत हुई है. 

    प्रभावशाली उपस्थिति को मान्यता

    मालूम हो कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ कल्पना मुर्मु सोरेन की प्रभावशाली उपस्थिति को मान्यता देते हुए यह सर्वोच्च सम्मान दिया गया है. झारखण्ड की भागीदारी के लिए राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार को भी प्रतिष्ठित ‘WEF बैज’ प्रदान किया गया है.


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