अगर आप भी कबूतरों को दे रहे हैं दाना तो हो जाएं सावधान! वरना आपको हो सकती है दम्मा की खतरनाक बीमारी

    अगर आप भी कबूतरों को दे रहे हैं दाना तो हो जाएं सावधान! वरना आपको हो सकती है दम्मा की खतरनाक बीमारी

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): हम अक्सर अपने घरों और छतों पर कबूतरों की गुटुर गू सुनते हैं. कबूतर कभी हमारी खिड़की पर आकर बैठते हैं तो कभी हमारे छत पर. और फिर लोग कबूतरों को दाना भी खिलते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि कबूतरों का हमारे आसपास रहना हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हो सकता है. दरअसल कबूतर के बीट आपके फेफड़ों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है. खासकर दम्मा के मरीज के लिए कबूतरों का आस पास रहना काफी खतरनाक हो सकता है. जी हां कबूतरों की बीट में मौजूद फंगस और बैक्टीरिया गंभीर बीमारियों के कारण बन सकते हैं. खासकर यह आपकी फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. कबूतरों की बीट में बैक्टीरिया वायरस और कई तरह के एंटीजेंस होते हैं. जब हम सांस लेते हैं तो यह बैक्टीरिया हमारे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं और अगर समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो यह हमारे फेफड़ों को काफी हद तक डैमेज कर देते हैं. यहां तक की कई बार लोगों को लंग्स ट्रांसप्लांट की भी नौबत आ जाती है. आइए विस्तार से जानते हैं कि कबूतरों की बीट से किस-किस तरीके की परेशानी हो सकती है. 

    हिस्टोप्लाज्मोसिस का खतरा

    कबूतर की बीट से जुड़ी सबसे उल्लेखनीय बीमारियों में से एक हिस्टोप्लाज्मोसिस है. यह एक तरह का फंगल संक्रमण है जो कबूतरों की बीट के संपर्क में रहने से फैलता है. अगर हम इसके लक्षण की बात करें तो बुखार खांसी सांस लेने में तकलीफ छाती में दर्द यह सभी शामिल है. 

    बर्ड फैनसियर लंग

    यह फेफड़ों में होने वाली आम बीमारी है. एक्सपर्ट के मुताबिक कबूतर की बीट के संपर्क में आने पर फेफड़ों में यह बीमारी होती है. इस बीमारी के सामान्य लक्षण में खांसी, सांस लेने में तकलीफ, वजन कम होना, थकान महसूस करना, आदि शामिल है. 

    कबूतर के संपर्क में रहने से महिला को कराना पड़ा लंग्स ट्रांसप्लांट

    TIMES OF INDIA की एक रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2023 में, कबूतर की बीट के संपर्क में आने के कारण एक महिला को न्यूमोनिटिस नामक जीवन-घातक बीमारी हो गई. जिसके बाद  53 वर्षीय महिला का लंग्स ट्रांसप्लांट कराना पड़ा. न्यूमोनिटिस बीमारी में फेफड़ों में सूजन हो जाती है. जिसके बाद सांस लेने में काफी दिक्कत होती है. 

    बचने के लिए क्या करें 

    अगर आप भी इन सभी बीमारियों से बचना चाहते हैं तो अपने घर के आस-पास कबूतरों को घोंसला न बनने दें. अगर आपकी खिड़कियों पर और दरवाजों पर कबूतर आकर बैठते हैं तो अपनी खिड़कियों को अच्छे से कवर कर के रखें. अगर कोई व्यक्ति अपने घर में कबूतरों को पालकर रखता है तो ऐसे में उसे साफ सफाई करते समय उन्हें मास्क लगाना चाहिए. 


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