कहीं ज्यादा हंसना ना बन जाए आपके लिए मुसीबत, जानिए Laughing Disease के बारे में

    कहीं ज्यादा हंसना ना बन जाए आपके लिए मुसीबत, जानिए Laughing Disease के बारे में

    टीएनपीडेस्क (TNPDESK) : हंसना सेहत के लिए अच्छा होता है. एक खुशनुमा जिंदगी हमारी लाइफ को बहुत ही आसान कर देती है. डॉक्टरस की भी यही सलाह होती है की हमें अपनी इस तनाव भरी लाइफ में हमेशा हंसते-हंसाते रहना चाहिए. लोग तो लाइफ से डिप्रेशन और तनाव को दूर करने के लिए लाफ्टर थेरेपी भी लेते हैं. इस लाफ्टर थेरेपी के दौरान सभी जोर जोर से हंसते हैं और अपने टेंशन को छु-मंतर  करते हैं. ऐसा माना भी जाता है कि हंसने से स्किन भी गलो करती है और चेहरे पर चमक लाती है.

    लेकिन क्या हो अगर जिंदगी को टेंशन फ्री रखने वाली यही थेरेपी आपको टेंशन दे दे? आपका हंसना ही आपके रोजमर्रा की जिंदगी के लिए मुसीबत बन जाए? बाहुबली एक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी की भी जिंदगी कुछ यूं ही कशमकश मे बीत रही है. वे हंस तो रही हैं पर उनके लिए उनके चेहरे की हंसी ही मुसीबत का कारण भी बन रही है. हाल ही में अभिनेत्री अनुष्का शेट्टी ने एक इंटरव्यू में बताया कि, उन्हें laughing disease ( हंसने की बीमारी) है. उनके लिए हंसना एक समस्या का कारण बन गया है. उन्होंने बताया कि, अगर वह हंसना शुरू करती हैं तो वह 15 से 20 मिनट तक नहीं रुकती. कोई भी कॉमेडी सीन को देखते हुए या शूट करते हुए वह सचमुच हंसने लगती है और 20 मिनट तक नहीं रुकती हैं. ऐसे में कई बार शूटिंग रोकनी पड़ती है.

    क्या है हंसने की बीमारी

    हम दोस्तों के साथ अक्सर किसी भी बात या घटना को सोच कर खुल कर हंसना शुरू कर देते हैं. लेकिन यह हंसी समस्या तब बन जाती है जब हम अपनी हंसी को रोक न पाए और ज्यादा देर तक हंसते रहे. इस स्थिति को स्यूडोबुलबार प्रभाव (Pseudobular affect)  कहा जाता है. यह एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जो हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करती है और अनियंत्रित हंसी का कारण बनती है. यह स्थिति केवल हंसी ही नहीं बल्कि रोने को भी प्रभावित करती है. इस स्यूडोबुलबार प्रभाव के कारण बेकाबू हंसने और रोने के एपिसोड होते हैं जो किसी भी व्यक्ति को ज्यादा देर तक हंसने या रोने के लिए मजबूर कर देते हैं. ये सिर्फ 20 मिनट ही नहीं बल्कि ज्यादा लंबे समय तक भी चल सकते हैं. यह एक ऐसी बीमारी है जो स्ट्रोक, मल्टीपल स्केलेरोसिस, एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस, अल्ज़ाइमर और न्यूरोलॉजिकल चोटों या विकारों से जुड़ा होता है जिसका असर हमारे मस्तिष्क पर होता है.

    क्या है लक्षण

    इस बीमारी के लक्षण की बात करें तो इसका समय और स्थिति से कोई लेना-देना नहीं है. इससे पीड़ित व्यक्ति किसी भी समय या किसी दुखद घटना पर भी हंस सकता है और किसी भी हंसी वाली बात पर रो भी सकता है और यह हंसने-रोने का क्रम कुछ सेकंड से लेकर घंटों तक भी चल सकता है.

     क्या है इस बीमारी का इलाज

    कहा जा रहा है कि, इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है. लेकिन, कुछ दवाएं इसके लिए मददगार हो सकती है, जो हंसने और रोने की समय सीमा को कम करने में मदद कर सकती है. हालांकि, इसके इलाज के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते है तो जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह से ही कोई दवा लें.  

     


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