देश में 60% महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में, कहीं खराब डाइट व लाइफस्टाइल से तो नहीं बढ़ रहा ये खतरा!

    देश में 60% महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में, कहीं खराब डाइट व लाइफस्टाइल से तो नहीं बढ़ रहा ये खतरा!

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर एक ट्रेंड बनता जा रहा है. आज के समय में 8 में से 1 महिला ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है. हाल ही में 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम एक्ट्रेस हिना खान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने अपने फैंस को बताया है कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है और वो इस समय ब्रेस्ट कैंसर की तीसरी स्टेज का इलाज करवा रही हैं. एक्ट्रेस हिना खान ही नहीं बल्कि भारत की कई महिलाएं इस समय ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं. आज के समय में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है. रिसर्च की बात करें तो भारत में इस समय करीब 60% महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की तीसरी स्टेज से पीड़ित हैं.

    30 साल से कम उम्र की महिलाएं भी हो रही हैं इसका शिकार

    महिलाएं अभी भी ब्रेस्ट कैंसर के बारे में पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं और जानकारी के अभाव में वो अक्सर ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जो बाद में उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है. वहीं, ये बीमारी अब सिर्फ उम्र के हिसाब से महिलाओं को ही अपना शिकार नहीं बना रही है. बल्कि 30 साल से कम उम्र की महिलाएं भी इस कैंसर का शिकार हो रही हैं. आपको बता दें कि पहले यह बीमारी 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को ही अपना शिकार बनाती थी. लेकिन आजकल की गलत खान-पान की आदतों, केमिकल युक्त कॉस्मेटिक्स और खराब लाइफ़स्टाइल के कारण कम उम्र में ही महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ रहा है.

    ब्रेस्ट कैंसर क्या है?

    स्तन में असामान्य और अनियंत्रित तरीके से कोशिकाओं के बढ़ने पर कैंसर की गांठ बन जाती है, ज़्यादातर बार कोशिकाओं के बढ़ने पर एक से ज़्यादा गांठें बन जाती हैं. इन गांठों को स्तनों के अंदर आसानी से महसूस किया जा सकता है. जिसे ट्यूमर के नाम से जाना जाता है. ये गांठें स्तन के ऊपरी या निचले हिस्से में होती हैं. जिसका समय रहते इलाज न होने पर धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेती हैं.

    ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कैसे करें

    ब्रेस्ट कैंसर की पहचान करने के लिए महिलाएं कुछ लक्षणों पर ध्यान देकर इस ख़तरनाक बीमारी से बच सकती हैं. जैसे कि स्तन में गांठ या मस्सा होना, स्तन के आकार में बदलाव, सूजन के साथ दबाने पर दर्द होना, त्वचा का लाल होना, निप्पल से खून आना या सिकुड़ना, त्वचा में जलन या गड्ढे पड़ना, तो यह ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर महिलाएं ऐसे लक्षण का पता चलते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें तो इस बीमारी से छुटकारा पाना आसान हो जाता है.

    ब्रेस्ट कैंसर के कारण

    महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का सही कारण अब तक पता नहीं चल पाया है. लेकिन अगर रिसर्च की बात करें तो आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतें महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन रही हैं. गलत खान-पान और मोटापा भी महिलाओं को इस बीमारी की चपेट में ला रहा है. वहीं, कई मामलों में ब्रेस्ट कैंसर आनुवांशिक भी होता है यानी ब्रेस्ट कैंसर का पारिवारिक इतिहास होने पर भी कई महिलाएं इस बीमारी की शिकार हो जाती हैं.

    ब्रेस्ट कैंसर का इलाज

    ब्रेस्ट कैंसर का इलाज और बचाव दोनों ही समय रहते संभव है. इसके इलाज में सर्जरी एक बेहतरीन विकल्प है. कैंसर की शुरुआती स्टेज, मरीज की उम्र, उसकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित मरीज का इलाज संभव है. इसके अलावा रेडिएशन थेरेपी की मदद से हाई एनर्जी एक्स-रे से कैंसर कोशिकाओं को मारा जा सकता है. कीमोथेरेपी: इसमें दवाओं की मदद से कैंसर कोशिकाओं को मारा जाता है. सर्जरी के बाद इसे चुना जाता है.


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