ग्रेट शो मैन राज कपूर की 100 वीं सालगिरह, बॉलीवुड में उन्होंने जो बीज बोया उसी पर चली फिल्मी दुनिया, जानिए उनके बारे में खास बातें

    ग्रेट शो मैन राज कपूर की 100 वीं सालगिरह, बॉलीवुड में उन्होंने जो बीज बोया उसी पर चली फिल्मी दुनिया, जानिए उनके बारे में खास बातें

    TNP DESK- ग्रेट शो मेन राज कपूर को कौन नहीं जानता. फिल्मी दुनिया में उनके योगदान को सीमित शब्दों में लिख पाना बहुत मुश्किल है. कपूर खानदान का बॉलीवुड में जो योगदान रहा है वह अतुलनीय रहा है. आज भी इस खानदान के लोग हिंदी फिल्म जगत में उनकी लिगेसी को आगे बढ़ा रहे हैं. राज कपूर की जन्म जयंती तो है ही आज उनकी सौंवी साल गिरह है यानी उनके जन्म का 100 साल पूरा हुआ है. 14 दिसंबर 1924 में उनका जन्म पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था. उनके पिता पृथ्वीराज कपूर बड़े नाटककार थे. फिल्मों में भी उन्होंने अपनी भूमिका को बहुत ही गंभीर अंदाज में पेश किया.

    दरअसल पृथ्वीराज कपूर के ही बनाए रास्ते पर पूरा परिवार आगे चला. राज कपूर उनमें से सबसे अधिक चर्चित संतान हुए. कपूर खानदान में आरंभ में सिर्फ पुरुषों को फिल्म में आने की इजाजत थी.बाद में यह परंपरा टूट गई. 

    राज कपूर के बारे में कुछ खास बातें जरूर जानिए

    हिंदी फिल्म के प्रसिद्ध निर्माता निर्देशक और सबसे बड़े अभिनेता राज कपूर ने 26 साल की उम्र से ही फिल्मी दुनिया में काम और नाम कमाना शुरू कर दिया था.राज कपूर ने भारतीय हिंदी फिल्में कई प्रयोग किया बताया जाता है कि राज कपूर नेहरू के समाजवादी विचार से काफी प्रेरित थे. उनकी फिल्मों में जो पटकथा होती थी उसको वह अपने अभिनय के दौरान जीते थे. मानो ऐसा लगता है कि उनके जीवन से यह कहानी मिलती-जुलती है.उन्होंने प्रेम कहानी को बहुत ही अलग तरह से फिल्मों में पेश किया. बोल्डनेस उनके अभिनय और निर्देशन में साफ तौर दिखता था.

    राज कपूर की फिल्मों में मादकता इस कदर हुआ करती थी कि उस समय के लोग उनकी आलोचना भी करते थे. उनकी फिल्मों में अभिनेत्री को बोल्ड तरीके से पेश करने की परंपरा देखी जाती रही. संगम हो या फिर 'राम तेरी गंगा मैली' सभी में उन्होंने पटकथा के अनुरूप दृश्य डालने का प्रयास किया.

    राज कपूर का फिल्मी सफर 11 साल की उम्र से ही शुरू हो गया था इंकलाब में उन्होंने छोटा सा अभिनय किया था. उनकी अभिनय क्षमता को उनके पिता पृथ्वीराज कपूर समझ नहीं पाए. लेकिन प्रसिद्ध निर्देशक केदार शर्मा ने समझ लिया था. उन्होंने राज कपूर को 1947 में नीलकमल फिल्म में हीरो की भूमिका दी थी. उनका अभिनय का सफर प्रसिद्ध अभिनेत्री मधुबाला के साथ शुरू हुआ. उनके फिल्मी करियर में नरगिस ने सबसे अधिक काम किया. नरगिस के बारे में कहा जाता है कि राज कपूर का उनके साथ बहुत ही नजदीकी संबंध था. उनकी फिल्मों में अंतरंग प्यार बहुत मायने रखता था.

    फिल्मों में मधुर गीतों को उन्होंने प्राथमिकता दी

    राज कपूर ने जिन फिल्मों में बतौर अभिनेता काम किया या फिर इन फिल्मों में उन्होंने निर्देशन किया. उन सभी फिल्मों में मधुर संगीत जरूर रहे. यादगार गीतों से सजी उनकी फिल्में आज भी लोग देखते हैं और उनके गाने गुनगुनाते हैं. प्रसिद्ध गायक कलाकार मुकेश से उन्होंने बहुत सारे गाने गवाए. मुकेश के स्वर को वे अपना मानते थे. उनकी आवाज में राज कपूर  अपनी आवाज महसूस करते थे. शंकर जयकिशन उनके फेवरेट संगीतकार थे. शैलेंद्र जैसे गीतकार के नगमे से वह अपनी फिल्म को यादगार बनाते थे. बरसात फिल्म से उनके अभिनय और उनकी टीम को काफी प्रसिद्धि मिली. 

    1951 में प्रदर्शित 'आवारा' फिल्म उनके करियर की एक महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई. राज कपूर अब एक स्थापित अभिनेता के रूप में मशहूर हो गए. राज कपूर आज नहीं हैं लेकिन उनके योगदान और उनके काम को सभी लोग जानते हैं. भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी उनकी ख्याति थी. सोवियत संघ में तो उन्हें लोग बहुत पसंद करते थे.

    हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कपूर फैमिली के सदस्य मिले थे. प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात में कहा कि वह राज कपूर की फिल्मों को बहुत पसंद करते थे. वहीं कपूर खानदान के सदस्य रणबीर कपूर, आलिया भट्ट,करिश्मा कपूर, करीना कपूर,कृष्णा कपूर ने प्रधानमंत्री के साथ मिलकर और राज कपूर की सौंवी सालगिरह के कार्यक्रम पर चर्चा को खूबसूरत पल के रूप में परिभाषित किया है. राज कपूर का निधन 1988 में मात्र 63 वर्ष की उम्र में हो गया था.


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