हिजाब विवाद पर सफाई, गलत सेंस में लिया गया मामला, न कोई ठेस न कोई दुर्भावना
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पटना(PATNA):मुख्यमंत्री द्वारा मुस्लिम महिला का हिजाब खींचे जाने को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उठे विवाद पर अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है.मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने न तो हिजाब खींचा था और न ही किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा थी. इस पूरे घटनाक्रम को गलत अर्थों में लिया जा रहा है.
फोटो के लिए हिजाब हटाने की बात कही
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान जब सभी लोग खुशी मना रहे थे, एक-दूसरे को मुबारकबाद दे रहे थे और सेल्फी ले रहे थे, उसी दौरान मुख्यमंत्री की नजर उस बच्ची पर पड़ी. चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई न देने पर उन्होंने सहज भाव से पूछा कि चेहरा क्यों ढका हुआ है और बेहतर फोटो के लिए हिजाब हटाने की बात कही. इसी क्रम में उन्होंने अपने हाथ से हिजाब हटाया, जिसे अब बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है.
इसमे न तो इस्लाम को कोई खतरा है, न किसी धर्म का अपमान हुआ है
परिवार का कहना है कि एक अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री चाहते थे कि बच्चे के चेहरे पर मुस्कान दिखे.इसमे न तो इस्लाम को कोई खतरा है, न किसी धर्म का अपमान हुआ है और न ही मुस्लिम लड़कियों को नीचा दिखाने की कोई मंशा थी.इस घटना को हिंदू-मुस्लिम एंगल से जोड़ना पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है.
पटना में ही है और जल्द ज्वाइन करने वाली है
वही टिब्बी कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि उन्हें नुसरत प्रवीण प्रवीण हैगार्जियन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस बच्ची को लेकर यह विवाद खड़ा किया गया, वह कहीं बाहर नहीं गई है.उसकी क्लासमेट्स से बातचीत में भी सामने आया है कि वह पटना में ही है और जल्द ज्वाइन करने वाली है. छोटी-सी बात को राय का पहाड़ बनाकर पेश किया जा रहा है.
विरोध या असहमति जैसी बातें पूरी तरह निराधार
वहीं नुसरत की एक महिला मित्र ने भी जानकारी दी है कि नुसरत ने टेलीफोन पर बताया है कि वह कल पटना सदर अस्पताल में ज्वाइन करने वाली है. इससे यह साफ हो जाता है कि किसी तरह का विरोध या असहमति जैसी बातें पूरी तरह निराधार है.कुल मिलाकर, यह मामला एक सामान्य और सहज पल का था, जिसे गलत सेंस में लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया. ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है.
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