बिहार पुलिस की हैवानियत! पहले कस्टडी में की बेरहमी से पिटाई फिर प्राइवेट पार्ट में डाला पेट्रोल, हालात नाजुक 

    बिहार पुलिस की हैवानियत! पहले कस्टडी में की बेरहमी से पिटाई फिर प्राइवेट पार्ट में डाला पेट्रोल, हालात नाजुक 

    समस्तीपुर(SAMASTIPUR):बीते 28 दिसंबर की रात ताजपुर थाना क्षेत्र में एक ज्वैलरी दुकान से 28 किलो चांदी और 60 ग्राम सोना चोरी मामले में दुकान में कार्यरत एक कर्मी की पुलिस कस्टडी में बेरहमी से पिटाई के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने के मामले में पीड़ित की शिकायत के बाद समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने मामले को प्रथम दृष्टया सही पाते बड़ी कारवाई करते हुए थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिया है. निलंबित पुलिस कर्मियों में थानाध्यक्ष शंकर शरण दास, अनुसंधानकर्ता राजवंश कुमार और एक सिपाही राहुल कुमार शामिल है.पीड़ित मनीष का आरोप था की दुकान मालिक जकी अहमद की शिकायत पर पुलिस ने दुकान में काम करने वाले तीन कर्मी को शक के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था लेकिन कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर सभी को बॉन्ड पर छोड़ दिया था.

    दुकानदार के द्वारा दुकान की छत पर तीनों की बेरहमी से पिटाई की गई

     इससे पहले 31 दिसम्बर को पहले दुकानदार के द्वारा दुकान की छत पर तीनों की बेरहमी से पिटाई की गई और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया था. जहां पुलिस ने चार दिनों तक अपनी कस्टडी में मनीष की बेरहमी से न सिर्फ पिटाई की थी बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल भी डाल दिया था. मनीष भेरोखड़ा गांव निवासी संजय पोद्दार का पुत्र है. पीड़ित युवक मनीष कुमार ने इलाज के दौरान बताया कि वह ताजपुर बाजार के नीम चौक स्थित सोनी ज्वेलर्स नामक आभूषण दुकान में कार्यरत था. कुछ दिन पूर्व उक्त दुकान में भीषण चोरी की घटना हुई थी. पीड़ित ने बताया कि 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में रखा गया, जहां लगातार उसके साथ मारपीट की गई. हालत गंभीर होने पर पांच जनवरी को उसे बांड पर छोड़ दिया गया.इसके बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए ताजपुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर किया गया.

    जबरदस्ती जुर्म कबुलने का दबाव बनाया गया

    पीड़ित मनीष की मां संगीत देवी ने बताया कि बेवजह उसके बेटे को फंसाया जा रहा है. उसके पिता संजय पोद्दार और पत्नी को भी तीन दिनों तक थाने में रोके रखा गया.इस दौरान उसके घर की तलाशी ली गई, लेकिन कोई गहना बरामद नहीं हुआ. पीड़ित का कहना है कि इसके बावजूद उसके साथ मारपीट जारी रही और जबरदस्ती जुर्म कबुलने का दबाव बनाया गया. आरोप लगाया की उसकी पत्नी और पिता को छोड़ने के लिये थाने पर 50 हजार रूपये भी लिया गया.


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