फिर लौटा लालू का पुराना रंग, रथ पे सवार होकर पहुंचे पटना के कच्ची दरगाह और राघोपुर  

    फिर लौटा लालू का पुराना रंग, रथ पे सवार होकर पहुंचे पटना के कच्ची दरगाह और राघोपुर  

    वैशाली (VAISHALI) : बिहार की राजनीति का वह दौर तो याद ही होगा. जहां एक तरफ लालूयादव अपने रथ पर सवार होकर राजनीतिक गलियारों में अपनी दावेदारी सुनिश्चित कर विपक्षी पार्टियों को कड़ी टक्रर देते थे. तो दूसरी तरफ अनंत सिंह अपने घोड़े पर सवार होकर बिहार के अलग-अलग विधानसभा में घूमकर अपनी लोकप्रियता बिटोरते थे. लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद वापस से लालू यादव अपने पूराने अंदाज में नजर आ रहे है.  पिछले कई दिनों से वह अपने परिवार के साथ बिहार के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से मिल रहे है. इसी दौरान आज वे रथ पर सवार होकर पटना के कच्ची दरगाह पहुंचे. वहां से वे स्टीमर से अपने छोटे बेटे सह बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर पहुंच गए. बता दें कि राघोपुर विधानसभा बिहार का हाई प्रोफाइल सीटों में से एक माना जाता है. राघोपुर पहुंचने के बाद कई जगहों पर आरजेडी कार्यकर्ताओं ने लालू यादव का जोरों से स्वागत किया. वहीं काफी दिनों बाद राघोपुर पहुंचने के कारण उनसे मिलने के लिए काफी संख्या में लोग वहां पहुंचे थे.  इस दौरान लालू यादव बिदुपुर से लेकर पटना कच्ची दरगाह के बीच बन रहे सिक्स लेन पुल का भी निरीक्षण किया.

    हाई प्रोफाइल सीटों में से एक हा राघोपुर विधानसभा सीट

    विदित हो कि बिहार का राघोपुर विधान सभा सीट हाई प्रोफाइल सीटों में रहा है. करीब डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से इस सीट पर लालू यादव के परिवार का दबदबा रहा है. राघोपुर सीट से पहली बार 1995 में लालू यादव ने किस्मत आजमाया था. उनके लिए तत्कालीन सीटिंग विधायक उदय नारायण राय ने सीट छोड़ी थी उसके बाद वहां से लालू यादव दो बार 1995 और 2000 में विधायक चुने गए. जिसके बाद 2005 में उनकी सियासी विरासत पत्नी राबड़ी देवी ने संभाली. लेकिन 2010 के चुनाव में राबड़ी देवी को जेडीयू के सतीश यादव से मुंह की खानी पड़ी थी. 2015 में जब लालू यादव और नीतीश कुमार का गंठबंधन हुआ तब से राघोपुर सीट से लालू यादव के छोटे लाल तेजस्वी यादव चुनाव जीत रहें हैं.


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