Bihar Politisc:पशुपति कुमार पारस का नीतीश सरकार पर जोरदार निशाना, कहा- बिहार में लौट आया है जंगल राज

    Bihar Politisc:पशुपति कुमार पारस का नीतीश सरकार पर जोरदार निशाना, कहा- बिहार में लौट आया है जंगल राज

    पटना(PATNA):राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने सोमवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया.पारस ने बिहार की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय के मुद्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में जंगल राज लौट आया है महिलाओं और दलितों पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा.

    सरकार पर उठाये कई सवाल

    1. कानून-व्यवस्था चरमराई:पारस ने वीवीआईपी इलाकों में गोलीबारी की ताज़ा घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और सरकार का इकबाल खत्म हो गया है.
    2. महिला-विरोधी शासन:उन्होंने दावा किया कि “नीतीश कुमार बिहार में महिलाओं के सबसे बड़े विरोधी हैं।” आए दिन अख़बारों में बलात्कार व उत्पीड़न की ख़बरें आना इसका प्रमाण है.
    3. दलितों पर अत्याचार:प्रेसी कांफ्रेंस में RLJP अध्यक्ष ने बिहार सरकार को दलित-महादलित विरोधी बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने संविधान के खिलाफ समाज को बांटने का काम किया है और महादलितों को वास्तविक सुविधाएं नहीं मिली.
    4. भ्रष्टाचार चरम पर:पारस के मुताबिक, बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता बिहार आज देश के सबसे भ्रष्ट प्रदेशों में शामिल हो चुका है.
    5. मुख्यमंत्री की ‘मानसिक स्थिति’ पर सवाल:उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा, जिस मुख्यमंत्री का इलाज चल रहा हो, वह राज्य कैसे संभालेंगे?

    चुनाव से पहले किस पाले में जायेंगे पशुपति पारस

    पारस ने स्पष्ट किया कि RLJP फिलहाल किसी गठबंधन में नहीं है.जो हमारे हित की बात करेगा, उसके साथ जाएंगे. हालांकि NDA के साथ पुराने संबंधों की याद दिलाते हुए उन्होंने संकेत दिया कि सभी विकल्प खुले है.उनका दावा है कि राज्य में चार-छह महीने के भीतर “सत्ता परिवर्तन” अवश्यंभावी है.जनता बदलाव चाहती है, और हम पिछले छह महीनों से पूरे बिहार का दौरा कर हालात का आकलन कर रहे है.

    पढ़ें लालू प्रसाद यादव पर क्या कहा

    पारस ने याद दिलाया कि चौकीदार पद पर परंपरागत रूप से पासवान समाज के लोग रहे है. उन्होंने कहा कि जगन्नाथ मिश्रा शासन में इन पदों को चतुर्थ श्रेणी का दर्जा मिला, लेकिन मौजूदा सरकार पासवान विरोधी नीतियां अपना रही है.यही वजह है कि चौकीदार-दफादार आंदोलन उग्र हो रहा है.आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा डॉ. भीमराव आम्बेडकर की तस्वीर  को पारस ने कहा की उन्होंने ये देखा नहीं है.लालू जी बीमार है और ये पूरा मामला राजनीतिक स्टंट है.


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