Anand Mohan Released: जेल और बेल के बाद PIL का खेल शुरु, दलित  संगठन ने किया PIL दायर, पूर्व आईपीएस ने भी खोला मोर्चा

    Anand Mohan Released: जेल और बेल के बाद PIL का खेल शुरु, दलित  संगठन ने किया PIL दायर, पूर्व आईपीएस ने भी खोला मोर्चा

    पटना(PATNA): बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई 27 अप्रैल की सुबह सहरसा जेल से कर दी गई. जिसके बाद आनंद मोहन के परिवार और उनके समर्थक अनके भव्य स्वागत की तैयारी में जुटे है. तो वहीं दलित  संगठन की ओर से गुरुवार 27 अप्रैल को पटना हाईकोर्ट में पीआईएल दायर किया गया है. भीम आर्मी भारत एकता मिशन की राज्य प्रभारी अमर ज्योति ने आनंद मोहन और 27 अपराधियों की रिहाई किए जाने को लेकर पीआईएल दायर कर कोर्ट पहुंचे है.

    दलित  संगठन की ओर से कोर्ट में पीआईएल दायर

    अमर ज्योति  के अधिवक्ता अलका वर्मा ने पीआईएल दायर किया. और कहा कि राज्य सरकार ने अपराधियों को बचाने के लिए कानून में परिवर्तन कर गलत काम किया है. बिहार सरकार के आदेश के खिलाफ कोर्ट में पीआईएल दायर की गई है.

    पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने खोला मोर्चा

    वहीं इस मामले पर बिहार के पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने भी आनंद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. और आनंद मोहन को लेकर बड़ा खुलासा किया हैं. और बताया कि 23 अक्टूबर 2021 को डीएम और सहरसा के एसपी ने सहरसा जेल में छापेमारी की थी. जिसमे आनंद मोहन के पास से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई थी. और मोबाइल भी बरामद हुआ था. जिसकी एफआईआर की बात सरकार ने दबा ली.

    नीतीश बिहार के चौपट राजा हैं- अमिताभ दास

    पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने बिहार की नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया हैं. और कहा कि बचपन में हम लोगों ने कहानी पढ़ी थी. ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’.पूरा बिहार अंधेर नगरी और पलटू राम उसके चौपट राजा हैं. बिहार में अन्याय का नंगा नाच चल रहा है. नीतीश कुमार ने आनंद मोहन की रिहाई राजपूतों के वोट बैंक को मजबूत करने के लिए की है. हमलोग पीआईएल दायर कर रहे हैं. इन्होंने बिहार को कचड़ा बना दिया है.

    जेल में आपत्तिजनक सामान रखते थे आनंद मोहन

     अमिताभ दास ने कहा कि आज एक नई बात मुझे मालूम हुई कि  सहरसा थाने में एफआईआर भी कराया गया था. आनंद मोहन को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. आनंद मोहन के अच्छे आचरण को लेकर उन्हें छूट दी गई है. एफआईआर की बात सरकार ने दबा ली. एक कैदी के रूप में वो आपत्तिजनक सामान रखते थे.

    बीजेपी लगातार नीतीश पर हमलावर

    वहीं आपको बता दें कि बिहार सरकार के जेल कानून में संसोधन और आनंद मोहन की रिहाई को लेकर विपक्षी पार्टी बीजेपी के साथ यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने भी कड़ी आपत्ती जताते हुए दलितों के साथ अन्याय बताया था. इसको लेकर बीजेपी लगातार सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर है.


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