ठग्गू का लड्डू", देखिये बिहार में किस ठग से ठगे जाने के लिए लगी रहती है लम्बी कतार

    ठग्गू का लड्डू", देखिये बिहार में किस ठग से ठगे जाने के लिए लगी रहती है लम्बी कतार

    पटना(PATNA)- जब से सीएम नीतीश ने राजद एमएलसी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह पर सार्वजनिक रुप से अमित शाह के साथ मिलकर राजद-जदयू के खिलाफ षडयंत्र करने का आरोप मढ़ा है, और इस बात की नसीहत दी है कि आप आज जिस मुकाम पर खड़े हैं,  वह राजद की कृपा से हैं, इसलिए कमसे कम राजद के गद्दारी करने की नहीं सोचे, तब से सुनील सिंह नीतीश कुमार पर तंज कसने का कोई मौका गंवाना नहीं चाहते, हालांकि हर बार उनका हमला इशारों में होता है,  वह खुलकर कभी मोर्चा नहीं खोलते.

    ध्यान रहे कि सुनील सिंह काफी दिनों में दिल्ली प्रवास कर रहे थें, और वहीं से देश के विभिन्न हिस्सों की दौरा भी कर रहे थें. कल रात वह तेजस राजधानी एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना हुए,  लेकिन जैसे ही तेजस ने रफ्तार पकड़ा, सुनील सिंह के दिमाग में कुलबुलाहट तेज हो गयी, और इशारों ही इशारों में करारा तंज कसा. हालांकि इस बार भी उन्होंने खुल कर कुछ भी नहीं बोला, लेकिन इशारा ऐसा था कि किसी को भी यह समझते देर नहीं लगी कि निशाने पर कौन है. 

    बिम्बों के सहारे तंज 

    यहां बता दें कि सुनील अक्सर अपनी कथा को बिम्बों के सहारे परोसने की कोशिश करते हैं, इस बार फिर हमला प्रतीकों के माध्यम से किया गया, और तीर सीधे निशाने पर जा बैठा. अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि ‘’काफी अरसे उपरान्त मैं बीती रात तेजस राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन से नई दिल्ली से पटना का सफर कर रहा था. कानपुर स्थित मेरे किसी शुभचिंतक को यह जानकारी प्राप्त हुई कि मैं ट्रेन से ही नई दिल्ली से पटना जा रहा हूं. अतः उन्होंने मुझे सौगात स्वरूप कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर वहां का मशहूर "ठग्गू का लड्डू" गिफ्ट किया. इसके डब्बे पर ही लिखा हुआ कि "ऐसा कोई सगा नहीं जिसे हमने ठगा नहीं". इस स्लोगन को पढ़ते ही मेरे मन में तरह-तरह और भांति- भांति की बातें उमड़ने और घुमड़ने लगी, जो संभवतः बिहार के मौजूदा राजनीतिक परिपेक्ष्य में बिल्कुल सटीक बैठता है.”

    इस ठग से ठगे जाने के लिए लगी रहती है कतार

    अब इसके बाद किसी के लिए कुछ ज्यादा दिमागी कसरत करने की जरुरत कहां थी, बिहार की सियासत में किसने किसको ठगा, या ठगे जाने का आरोप लगता रहा, वह सब कुछ जगजाहीर है, स्वाभाविक रुप से जैसे ही यह पोस्ट सामने आया प्रतिक्रियाओं की बाढ़ लग गयी, यह सवाल भी उठा कि ठीक है किसी ने ठगने का काम किया, लेकिन क्या सत्य नहीं है कि उस ठग के आगे सभी नतमतस्क रहें और सबने बारी बारी से अपने आप को ठगे जाने का इंतजार किया, और कौन है जो इस ठग को अपने पाले में नहीं करना चाहता, आज जो दिन रात उन्हे पलटू राम पलटू राम कहते नहीं थकते, कभी उनके अन्दर की महफिलों का दर्द सुनिये, उनकी बातें सुनियें, देखिये कितना दर्द पसरा है उनकी महफिलों में. उनके मन में सिर्फ यही उमड़ता-घुमड़ता रहता है कि काश: पलटू राम एक बार और पलट जाता तो सत्ता से हमारी दूरियां एक बार फिर से सिमट जाती, इस खेमा के हाथों में भी सियासी लड्डू होता. 

    नीतीश की आशंका को सत्य साबित कर सकते हैं सुनील सिंह

    वैसे जानकारों का दावा है कि सुनील सिंह के सहारे भाजपा जिस मिशन को गुपचुप आगे बढ़ा रही थी, उसे नीतीश कुमार ने समय रहते पलीता लगा दिया. और इस प्रकार सुनील सिंह की मंशा तार तार हो गयी, अब उनके सामने अपना दर्द बयां करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा. और आने वाले दिनों में कोई ताज्जुब नहीं होगा कि सुनील सिंह नीतीश कुमार की भविष्यवाणी को सत्य साबित कर दें.


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