राजधानी रांची तक पहुंचा बंग्लादेशी घुसपैठियों का खतरा! डीसी ने जारी किया विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश

    राजधानी रांची तक पहुंचा बंग्लादेशी घुसपैठियों का खतरा! डीसी ने जारी किया विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश

    रांची(RANCHI)- झारखंड पुलिस की विशेष शाखा ने राज्य सरकार को बांग्लादेशी घुसपैठियों के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया है, विशेष शाखा के पुलिस अधीक्षक ने राज्य सरकार और जिलों के डीसी को पत्र लिख कर यह जानकारी दी है कि झारखंड हर जिले में बांग्लादेशी घुसपैठियों की गतिविधियां तेज हो रही है. बांग्लदेशी घुसपैठियों से यहां की आंतरिक सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है. इस खबर को सामने आते ही पूरा प्रशासन रेस हो चुका है.

    विशेष शाखा से यह सूचना प्राप्त होते ही रांची डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने सभी एसडीओ, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानेदारों को अपने-अपने इलाके में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी कर दिया है. जिससे की बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कायम की जा सके. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़ी हर गतिविधियों पर बारिक नजर रखी जाय, साथ ही प्राप्त सूचना को तत्परता से सत्यापित कर नियमित रुप से इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजा जाय.

    राजधानी रांची के आस पास बस रहे नये बसावटों पर विशेष नजर रखने का निर्देश

    डीसी ने रांची के आसपास बसने वाले नये बसावटों, नामकुम, रातू, धुर्वा, पुंदाग, जगन्नाथपुर, रातू, कांके, ओरमांझी, और सिल्ली मुरी के रास्तों पर विशेष नजर रखने का आदेश दिया है.

    राजधानी रांची के आसपास काफी तेजी से बस रही है नयी कॉलोनियां

    यहां बता दें कि राजधानी रांची के आसपास बड़ी तेजी से नये नये कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है, इन नये बसावटों पर नजर रखना काफी चुनौती पूर्ण काम है, माना जाता है कि बांग्लादेशी घुसपैठिये छोटे-छोटे कामों में अपने को खपाते हैं, बड़ी संख्या में ये लोग भवन निर्माण में भी काम करते हैं, जानकार बताते हैं कि ये घुसपैठिये स्थानीय मिस्त्री और ठेकेदारों की तुलना में काफी कम कीमत पर भवन निर्माण करते हैं. साथ ही भवन निर्माण में इनकी कुशलता भी काफी अच्छी होती है. जिसके कारण इन नये बसावटों में इनकी काफी डिमांड रहती है. साथ ही ये लोग होटल से लेकर सफाई कर्मी तक के रुप में काम करते हैं. रहने के लिए इनकी पहली पसंद ये नये बसावट ही होते है. क्योंकि यहां इन्हे काफी कम कीमत पर रहने की व्यवस्था हो जाती है. दावा किया जाता है कि कुछ ही दिनों में इनकी जान-पहचान स्थानीय वाशिंदों से हो जाती है, और बाद में ये फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निवास प्रमाण पत्र भी बना लेते हैं. जिसके बाद इन्हे राशन की भी सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है.  


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news