आदिवासी-मूलवासियों को सीएम हेमंत की चेतावनी, अधिकार तब ही मिलेगा जब सत्ता आपके अपनों के हाथ में होगी

    आदिवासी-मूलवासियों को सीएम हेमंत की चेतावनी, अधिकार तब ही मिलेगा जब सत्ता आपके अपनों के हाथ में होगी

    TNPDESK-आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार पर गिरिडीह पहुंचे सीएम हेमंत ने भाजपा और पीएम मोदी पर झारखंड के गरीब-गुरबों के हाथों की रोटी छिनने का आरोप लगाया है, उपस्थित जनसमूह को सावधान करते हुए सीएम हेमंत ने कहा कि गांठ बांध कर रख लीजिये कि जब तक आपका अपना बेटा सत्ता में नहीं रहेगा, आपका कोई सगा कुर्सी पर नहीं होगा, आपके हक हकूक की हकमारी होती रहेगी. भाजपा सिर्फ यहां के दलित आदिवासी और पिछड़ों को झुनझुना थमाते रहेगी. ताकि उनकी जिंदगी गुलामी में गुजरती रहे.

    पीएम मोदी पर आरोपों की बौछार करते हुए सीएम हेमंत ने कहा कि केन्द्र सरकार हमारे कोयले की रॉयल्टी का तो भुगतान नहीं करता, झारखंड को अपने ही कोयले की रॉयल्टी के लिए केन्द्र सरकार से भीख मांगनी पड़ती है, बार-बार के आग्रह के बावजूद झारखंड को उसका पैसा नहीं मिलता, यदि केंद्र सरकार समय पर उसका भुगतान कर देती तो आज हम झारखंड में लाखों युवकों को नौकरियां देने की स्थिति में होते. हमारे युवकों के हाथ में रोजगार होता.

    केन्द्र की नीतियों कारण झारखंडियों में हैं गरीबी का बसेरा

    सीएम हेमंत ने कहा कि जब डीवीसी का बकाया हम पर गिरता है, तो बिजली काटने में देरी नहीं की जाती, तुंरत विद्यूत आपूर्ति बंद कर दी जाती है, जबकि, हमारे ही कोयले से बिजली बनती है. यह कोयला हमारे ही खेतों से निकाला जाता है, लेकिन, उनकी मंशा को इस बात से भी समझा सकता है कि जब राष्ट्रपति झारखंड के दौरे पर आती है, तो हमारी बिजली बंद कर दी जाती है, ताकि महामहिम की नजर में झारखंड की बदनामी हो सके और तो कोयले की रॉयल्टी को जो पैसा केन्द्र के पास पड़ा है, केन्द्र बगैर हमारी सहमति के उस खाते से पैसा निकाल कर डीवीसी को भुगतान कर देता है, लेकिन, उसी खाते से हमारा भुगतान नहीं करता. यही झारखंड का दुर्भाग्य और झारखंडियों की बेबसी और गरीबी का कारण है.

    आज हर विधवा, वृद्ध और विकलांग को किया जा रहा है पेंशन का भुगतान  

    सीएम हेमंत ने कहा कि एक वह भी दौर था जब लोग विधवा, विकलांग और दूसरे पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों की दौड़ लगाया करते थें. लोग बोरा में भर भर कर अपना आवेदन अधिकारियों के पास जमा करते थें, लेकिन, किसी को पेंशन नहीं मिलता था, लेकिन आज हम घूम घूम कर लोगों से उनका आवदेन ले रहे हैं, आज राज्य में शायद ही किसी को पेंशन नहीं मिलता हो, बावजूद जगह-जगह कैंप लोगों से आवेदन की मांग की जा रही है, लेकिन अब शायद ही कोई पेंशन के लिए सामने आता है. क्योंकि हमारी सरकार ने पहले ही सबों को पेंशन प्रदान कर दिया है.

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