‘सुरक्षित रहना है तो जल्द छोड़ दें Iran’, अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी की Advisory
अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा नहीं करने और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित तरीके से जल्द निकलने की सलाह दी है. अमेरिकी नागरिकों को STEP में रजिस्टर करने और सुरक्षा से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने को भी कहा गया है.
टीएनपी डेस्क(TNP DESK): करीबन 6 महीने से चल रहा अमेरिका ईरान का युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. रोजाना कभी अमेरिका के ईरान पर हमले की खबरें आती हैं तो कभी ईरान का अमेरिका पर. इस युद्ध ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था कहीं ना कहीं हिला के रख दी हैं चाहे वो तेल संकट हो या इंपोर्ट एक्सपोर्ट पर टैरिफ की बात. इस युद्ध से सब कुछ प्रभावित हो रहा है. अब इसी बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी किया है, जिसमें अमेरिका ने ये साफ तौर पर कहा है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक ईरान ना जाए और जो पहले से ईरान में मौजूद हैं वो तुरंत वहां से वापस आ जाएं. ये कदम वेस्ट एशिया में बढ़ रहे युद्ध के खतरे को लेकर उठाया गया है.
क्या है एडवाइजरी में
अमेरिका ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक किसी भी जरूरी काम से भी ईरान की यात्रा ना करें. वहीं जो अमेरिकी नागरिक पहले से वहां मौजूद हैं, वे जल्द से जल्द वहां से निकलने की कोशिश करें. अमेरिकी मिशन ने इलाके में मौजूद अपने नागरिकों को ज्यादा सतर्क रहने के लिए कहा है. साथ ही एयरपोर्ट, एयरलाइंस और बॉर्डर क्रॉसिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

अचानक बदल सकते हैं बॉर्डर के नियम
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि ईरान की ज़मीनी सीमाओं से जुड़े नियम कभी भी और बिना पहले जानकारी दिए बदले जा सकते हैं. ऐसे में जो लोग ईरान से निकलकर किसी दूसरे देश में जाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें उस देश के एंट्री नियम पहले ही चेक कर लेने चाहिए. यानी बॉर्डर तक पहुंचने से पहले यह पता होना जरूरी है कि वहां एंट्री के लिए किन दस्तावेजों और दूसरी चीजों की जरूरत पड़ेगी.
तेजी से बढ़ सकता है सैन्य टकराव
अमेरिकी अलर्ट में हूती गुटों की तरफ से सऊदी अरब के खिलाफ किए गए हमलों का जिक्र किया गया है. इनमें आम नागरिकों की आवाजाही वाले एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी शामिल हैं. अमेरिका ने आशंका जताई है कि मौजूदा हालात में सैन्य टकराव तेजी से बढ़ सकता है और इसका असर आसपास के दूसरे इलाकों पर भी देखने को मिल सकता है.
अमेरिकी ठिकानों को भी बनाया जा सकता है निशाना
अमेरिका ने अपने नागरिकों को इस बात को लेकर भी सावधान किया है कि उसके राजनयिक ठिकानों को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है. इनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद जगहें भी शामिल हैं.
अमेरिका का कहना है कि ईरान या उसका समर्थन करने वाले गुट विदेशों में अमेरिकी हितों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं. इनमें अमेरिकी संस्थान, कारोबार और दूसरी जगहें शामिल हो सकती हैं. इसी वजह से अमेरिकी नागरिकों से सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा सतर्क रहने के लिए कहा गया है.
STEP में रजिस्टर करने की सलाह
अमेरिकी नागरिकों को विदेश विभाग के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम यानी STEP में रजिस्टर करने की सलाह भी दी गई है. इसके जरिए नागरिकों को सुरक्षा से जुड़े जरूरी अपडेट मिल सकते हैं.
इसके अलावा अगर हालात अचानक बिगड़ते हैं या कोई इमरजेंसी आती है, तो अमेरिकी राजनयिक अधिकारियों के लिए अपने नागरिकों से संपर्क करना आसान हो सकता है. इसलिए ईरान और आसपास के संवेदनशील इलाकों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को STEP से जुड़ने के लिए कहा गया है.

प्रदर्शन और ज्यादा भीड़ वाली जगहों से रहें दूर
एडवाइजरी में अमेरिकी नागरिकों से प्रदर्शन वाली जगहों, बड़ी भीड़ और भारी पुलिस मौजूदगी वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा गया है. साथ ही ऐसी जगहों पर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जिनका संबंध सार्वजनिक रूप से अमेरिका से दिखाई देता हो.
अगर हवाई हमला होता है तो लोगों को खिड़कियों और कांच के दरवाजों से दूर रहने के लिए कहा गया है. इसके अलावा हमले के बाद जमीन पर गिरे मलबे से दूरी बनाने और स्थानीय प्रशासन की तरफ से आने वाली आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
बढ़ते तनाव के बीच आया अमेरिकी अलर्ट
अमेरिका की यह एडवाइजरी ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है. वॉशिंगटन की तरफ से तेहरान पर सैन्य और समुद्री दबाव बनाया जा रहा है. दूसरी तरफ ईरान के अधिकारी भी क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं.
ऐसे माहौल में अमेरिका अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से दूर रहने और वहां पहले से मौजूद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की सलाह दे रहा है.