7 दिन की बमबारी के बाद ईरान का अल्टीमेटम! अमेरिका नहीं रुका तो होगा बड़ा हमला

7 दिन की बमबारी के बाद ईरान का अल्टीमेटम! अमेरिका नहीं रुका तो होगा बड़ा हमला

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी सेना ने शुक्रवार रात एक बार फिर ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया. यह लगातार सातवीं रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने भी इन हमलों की पुष्टि कर दी है.

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी साफ चेतावनी दे दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो वह बड़ा जवाब देने के लिए तैयार है. ईरान का कहना है कि अब संघर्ष सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहेगा और कोई भी इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगा.

बातचीत फेल होने के बाद बढ़ा तनाव

दोनों देशों के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब शांति वार्ता किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई. इसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर दिया. इससे पहले ईरान की तरफ से किए गए हमलों में अमेरिका के कुछ सहयोगी देशों को भी निशाना बनाया गया था. इनमें कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे देश शामिल बताए जा रहे हैं.

अमेरिका का कहना है कि वह अपने सहयोगियों की सुरक्षा और क्षेत्र में मौजूद खतरों को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर रहा है. वहीं ईरान इसे अपने ऊपर किया गया हमला बता रहा है.

ईरान ने दी बड़े हमले की चेतावनी

ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो आने वाले दिनों में जवाब काफी बड़ा हो सकता है.

ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसेन रेज़ाई ने कहा है कि ईरान अब सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा. अगर हालात बिगड़े तो वह बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू कर सकता है.

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब यह लड़ाई सिर्फ सीमित इलाकों तक नहीं रहेगी और इसके असर कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकते हैं.

होर्मुज को लेकर बढ़ी चिंता

इस पूरे विवाद में होर्मुज जलडमरूमध्य भी चर्चा में है. यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है.

इस इलाके में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से दुनिया की चिंता बढ़ गई है. ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगर उस पर दबाव बढ़ाया गया तो वह फारस की खाड़ी के महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बना सकता है.

अमेरिकी हमलों में कई जगह नुकसान

अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के कुछ इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि कई पुल और परिवहन से जुड़े ढांचे प्रभावित हुए हैं. इनमें से कुछ रास्ते बंदर अब्बास जैसे तटीय शहरों को जोड़ते हैं.

मिडिल ईस्ट पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ा तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर पड़ सकता है.

फिलहाल दोनों देशों की तरफ से सख्त बयान जारी किए जा रहे हैं. अमेरिका अपनी कार्रवाई को सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहा है, जबकि ईरान इसे आक्रामक हमला मानकर जवाब देने की बात कर रहा है.

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देश बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या फिर यह तनाव एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल जाता है.