Egypt Air Show: आखिर ईजिप्ट क्यों भेजी गई भारतीय वायुसेना की सारंग टीम? जानें क्या है इसकी खासियत

भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम अल अलामीन इंटरनेशनल एयर शो में हिस्सा लेने के लिए मिस्र पहुंच गई है. 8 से 10 सितंबर तक होने वाले एयर शो में टीम स्वदेशी ध्रुव ALH के साथ रोमांचक हवाई करतब दिखाएगी.

Egypt Air Show: आखिर ईजिप्ट क्यों भेजी गई भारतीय वायुसेना की सारंग टीम? जानें क्या है इसकी खासियत

टिएनपी डेस्क(TNP DESK): भारतीय वायु सेना की मशहूर सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ईजिप्ट पहुंच गई है. सारंग टीम यहां 8 से 10 सितंबर तक होने वाले अल अलामीन इंटरनेशनल एयर शो के दूसरे संस्करण में भारत का नेतृत्व करेगी. इस बड़े इंटरनेशनल एयर शो में दुनिया के अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं और एविएशन एक्सपर्ट हिस्सा लेंगे.

सारंग टीम स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर यानी ALH के साथ आसमान में अपना हुनर दिखाएगी. ऐसे में यह सिर्फ एक रोमांचक एयर शो नहीं होगा, बल्कि इसके जरिए दुनिया भारतीय वायु सेना के पायलटों की काबिलियत और भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस ताकत भी देखेगी.

ईजिप्ट के एयर शो में सारंग क्यों है खास

सारंग भारतीय वायु सेना की स्पेशल हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम है. रक्षा मंत्रालय ने अलग से यह नहीं बताया है कि मिस्र के एयर शो के लिए सारंग को ही क्यों चुना गया. हालांकि इसकी खासियत को देखें तो यह टीम इंटरनेशनल मंच पर भारतीय पायलटों के कौशल के साथ स्वदेशी ALH ध्रुव की क्षमता दिखाने का मौका देती है.

सारंग पांच हेलीकॉप्टरों के साथ प्रदर्शन करने वाली खास एरोबेटिक टीम है. इसके पायलट बेहद कम दूरी पर हेलीकॉप्टर उड़ाते हुए मुश्किल फॉर्मेशन बनाते हैं. इसमें पायलटों के बीच सटीक टाइमिंग और जबरदस्त तालमेल की जरूरत होती है.

2003 में बनी थी सारंग टीम

सारंग टीम का गठन 2003 में किया गया था. इसकी शुरुआत से जुड़ी कहानी एक साल पहले की है. 18 मार्च 2002 को बेंगलुरु में Aircraft and Systems Testing Establishment में ALH Evaluation Flight बनाई गई थी. इसी से आगे चलकर सारंग टीम तैयार हुई.

शुरुआत में टीम तीन हेलीकॉप्टरों के साथ प्रदर्शन करती थी. फरवरी 2004 में सिंगापुर के Asian Aerospace Show में सारंग ने अपना पहला इंटरनेशनल पब्लिक प्रदर्शन किया. इसके बाद टीम दुनिया के कई बड़े एयर शो में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है.

'डॉल्फिन लीप' और 'स्पॉट स्टॉल टर्न' दिखाएगी टीम

मिस्र के एयर शो में सारंग कई हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाएगी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसका मशहूर 'डॉल्फिन लीप' खास आकर्षण होगा. इसके अलावा टीम नया 'स्पॉट स्टॉल टर्न' भी पेश करेगी.

इन करतबों के दौरान कई हेलीकॉप्टर एक साथ बेहद करीब रहकर अलग-अलग दिशा में मूवमेंट करते हैं. थोड़ी सी चूक भी बड़ा खतरा पैदा कर सकती है. इसलिए इसके पीछे पायलटों की लंबी ट्रेनिंग, अनुशासन और सटीक टाइमिंग होती है.

भारत में बना है ALH ध्रुव

सारंग टीम जिस ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करती है, उसे भारत में Hindustan Aeronautics Limited यानी HAL ने डिजाइन और तैयार किया है. ध्रुव एक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर है और अलग-अलग तरह के ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है. सारंग के हेलीकॉप्टर अपनी खास रंगीन डिजाइन के कारण भी दूर से पहचाने जाते हैं. इन पर मोर से प्रेरित डिजाइन बनाई गई है. 'सारंग' नाम भी मोर से जुड़ा हुआ है.

पांच हेलीकॉप्टरों के साथ आसमान में बनाती है फॉर्मेशन

सारंग टीम की सबसे बड़ी खासियत इसके पांच हेलीकॉप्टरों का एक साथ प्रदर्शन करना है. पायलट कम दूरी पर उड़ते हुए मुश्किल फॉर्मेशन और एरियल मैन्युवर करते हैं. टीम पहले सिंगापुर, UAE, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन और बहरीन समेत कई देशों में अपना प्रदर्शन कर चुकी है.

सारंग के प्रदर्शन का मकसद केवल दर्शकों को रोमांचित करना नहीं है. इंटरनेशनल एयर शो के जरिए भारत अपने स्वदेशी हेलीकॉप्टर की manoeuvrability और तकनीकी क्षमता को भी दुनिया के सामने रखता है.

भारत-मिस्र रक्षा संबंधों के लिए भी अहम

अल अलामीन इंटरनेशनल एयर शो में कई देशों की वायु सेनाओं और एयरोस्पेस सेक्टर के एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे. ऐसे में सारंग की मौजूदगी भारत के लिए अपनी स्वदेशी रक्षा और एयरोस्पेस क्षमता दिखाने का बड़ा मौका है.

मिस्र के आसमान में 'डॉल्फिन लीप' से लेकर नए 'स्पॉट स्टॉल टर्न' तक, सारंग टीम भारतीय वायु सेना के पायलटों का हुनर दिखाएगी. साथ ही यह भागीदारी भारत और मिस्र के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.