कोलंबिया में भूकंप से तबाही, मौतों का आंकड़ा 250 के पार

कोलंबिया में भूकंप से तबाही, मौतों का आंकड़ा 250 के पार

टिएनपी डेस्क(TNP DESK):  कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है. शुरुआती जानकारी के बाद अब मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. हजारों लोगों के अब भी लापता होने की खबर है. राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.

कई शहरों में भारी नुकसान

भूकंप के झटकों से पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में इमारतों और दूसरे ढांचों को नुकसान पहुंचा है. कैली, पेरेरा, क्विब्दो और मैनिजालेस जैसे शहरों में भी तबाही की खबरें सामने आई हैं. कई इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं, जबकि बड़ी संख्या में घर और सार्वजनिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं.

राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. डर के कारण लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए.

मलबे में जिंदगी की तलाश

भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है. बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती घंटों में बचाव कार्य बेहद अहम होता है और इसी वजह से राहत टीमों को तेजी से तैनात किया गया है.

कई इलाकों में संचार व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने से राहत पहुंचाने में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं. प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी और मेडिकल सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

राष्ट्रपति ने संभाली राहत अभियान की कमान

भूकंप के बाद कोलंबिया सरकार ने आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. राष्ट्रपति ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी संसाधन भेजने के निर्देश दिए हैं. अमेरिका समेत कई देशों ने भी मदद की पेशकश की है.

कोलंबिया में क्यों आते हैं तेज भूकंप

कोलंबिया भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में स्थित है. देश के आसपास कई टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल रहती है, जिसके कारण यहां भूकंप आते रहते हैं. पश्चिमी हिस्से में प्रशांत क्षेत्र की भूगर्भीय गतिविधियों का भी असर देखने को मिलता है.

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की है. जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ रहा है, मृतकों और घायलों की संख्या में और बदलाव की आशंका बनी हुई है.