टीएनपी डेस्क(TNP DESK): भारत और चीन के रिश्तों में अब धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है. इसकी एक झलक मंगलवार को नई दिल्ली में देखने को मिली. भारत में चीन के नए मिलिट्री डिप्लोमैट यू जियान ने भारतीय सेना और तटरक्षक बल का खुले मंच से धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि केरल के पास समुद्र में आग की चपेट में आए मालवाहक जहाज से भारतीय जवानों ने चीनी नागरिकों की जान बचाई थी. चीन इस मदद को कभी नहीं भूलेगा.
यू जियान ने यह बात चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की कोशिशों से भारत और चीन के रिश्ते फिर से सही दिशा में बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच भरोसा और मजबूत होगा.
कैसे हुआ था जहाज में हादसा?
यह मालवाहक जहाज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से मुंबई आ रहा था. सफर के दौरान जहाज के एक कंटेनर में अचानक धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई. हादसे के बाद जहाज पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत अभियान शुरू करना पड़ा.

22 में से 18 लोगों की बची जान
हादसे के समय जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर मौजूद थे. भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने मिलकर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इनमें पांच लोग घायल थे, जबकि दो गंभीर रूप से झुलस गए थे. चार लोग काफी देर तक लापता रहे और बाद में उन्हें मृत मान लिया गया.
चीन और ताइवान के लोग भी थे सवार
जहाज पर चीन और ताइवान के नागरिक भी मौजूद थे. कुल 14 विदेशी नागरिकों में आठ चीन और छह ताइवान के थे. राहत अभियान के लिए भारतीय तटरक्षक बल ने पांच जहाज, दो विमान और एक हेलिकॉप्टर लगाया. कई घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
कई दिनों तक आग बुझाने में जुटी रहीं भारतीय एजेंसियां
लोगों को बचाने के बाद भी काम खत्म नहीं हुआ. जहाज में लगी आग बुझाने और उसे सुरक्षित जगह तक पहुंचाने के लिए भारतीय एजेंसियां कई दिनों तक लगातार काम करती रहीं. 13 जून को भारतीय नौसेना ने हेलिकॉप्टर से विशेषज्ञों की टीम जहाज पर उतारी. नौसेना, तटरक्षक बल और वायुसेना ने मिलकर यह भी सुनिश्चित किया कि आग से घिरा जहाज बहकर केरल के तट तक न पहुंचे.

दुनिया ने भी की भारत की तारीफ
इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कई देशों ने भारत की सराहना की. भारत में चीन के दूतावास ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का धन्यवाद किया. वहीं सिंगापुर के उच्चायुक्त ने भी भारतीय टीमों की तेजी और पेशेवर तरीके से किए गए बचाव अभियान की तारीफ की.
2020 के बाद बिगड़ गए थे रिश्ते
भारत और चीन के रिश्तों में साल 2020 के बाद काफी तनाव आ गया था. पूर्वी लद्दाख में LAC पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं. जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय और चार चीनी सैनिकों की मौत हुई थी. इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में लंबी दूरी आ गई थी.
