क्यों अपने जिंदा होने का सबूत लेकर भटक रही है महिला, जानिए मृत होते सिस्टम की जीवित लापरवाही
आपने पंकज त्रिपाठी की फिल्म कागज देखी होगी, जिसमें उन्हें जीते जी मुर्दा बता दिया जाता है, जिसके बाद वो सरकारी कागज बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं. बिल्कुल ऐसा ही मामला बोकारो जिले से सामने आया है. जिले के गोमिया प्रखण्ड के हजारी पंचायत स्थित खुदगड़ा गांव से एक अजब-गजब मामला सामने आया है. एक वृद्धा अपने आपको जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटक रही है. समाज कल्याण विभाग ने उसे मृत घोषित कर उसकी पेंशन रोक दी है. उसे मृत घोषित किसने किया, इसका जवाब भी विभाग के पास नहीं है

