जैन समाज के खिलाफ आदिवासी समुदाय का पारसनाथ शिखरजी में जोरदार प्रदर्शन, कहा- खाली करो पारसनाथ 

तीन साल के बाद एक बार फिर पारसनाथ को लेकर कई आदिवासी संगठनो और जैन समाज के बीच तनातनी होना शुरू हो गया है.  एक तरफ जहां जैन समाज पारसनाथ को बीस तीर्थंकरो की मोक्ष भूमि और अपना सबसे बड़ा तीर्थ स्थल मानता है तो वही आदिवासी समाज भी इस पारसनाथ को अपना सबसे बड़ा देवता मारांग बुरु के रूप में मानता है.

Published on 12 March 2025 at 11:49 pm862 views