गुरूजी के स्मारक के नाम पर उजाड़ी जा रही 50 साल पुरानी बस्ती, क्या दिशोम गुरु होते तो आज ऐसा होने देते
HEC की जमीन पर बसे लोगों को लम्बे समय के बाद उजाड़ा जा रहा है.बस्ती विरान हो गई.सर से कई गरीबों के छत चली गई.अब आसमान छत और जमीन गरीबों का बिस्तर हो गया.तस्वीर देख कर समझ जाएंगे की घर टूटने के बाद दर्द कितना होता है.घर झोपडी का हो या महल घर हर किसी का घर होता है.लेकिन 50 साल से झोपडी बना कर रह रहे लोगों को अचानक उजाड़ दिया गया.

