आज के जमाने में दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां टेक्नोलॉजी सिर्फ हमारी जिंदगी को ही आसान नहीं कर रही बल्कि हमारे काम करने के तरीके को भी बदल रही हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ एक टूल ही नहीं रहा बल्कि एक ऐसा मजबूत ताकत बन चुका हैं की जॉब्स को रीडिफ़ाइंन कर रहा हैं. सब इसी डर में हैं की क्या Ai हमारी जॉब कहा जाएगा?
अगर हम डेटा और रेपोर्ट्स की बात करे तो बहुत सारे ग्लोबल स्टडीस यह बताती हैं की 2030 तक लाखों नहीं करोड़ों नौकरियां ai के कारण प्रभावित होगी. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 25% से 30% तक काम ऐसे हैं जिन्हें मशीनस काफी ही ज़्यादब आसानी से कर लेती हैं, इसका मतलब ये नहीं की ये सभी जॉब पूरी तरह खतम कर देगी लेकिन इंसानों की भूमिका कम हो जाएगी या बदल जाएगी.
चलिए अब जानते हैं सबसे ज्यादा खतरे में कौनसी जॉब्स हैं- डेटा एंट्री, बेसिक आकॉउनतींग , टेले-कॉलिंग , कस्टमर सपोर्ट इन सब में ai और रोबोट पहले ही तेजी से बढ़ रही हैं.
लेकिन ai का असर सिर्फ लो स्किल जॉब तक ही सिमित नहीं हैं. अब ये वाईट कोलर जॉब्स में भी एंट्री कर चुका हैं. लीगल रीसर्च जैसे छेत्रों में भी AI टूल काम करने लगे हैं. इससे प्रतियोगिता और भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं.
हालांकि , हर चेंजेस के साथ नए अवसर आते हैं और AI के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है.
AI जितनी नौकरियां खत्म करेगा, उससे कहीं ज्यादा नए जॉब रोल्स भी लाएगा. फरक बस इतना हैं की इन जॉब के लिए स्किल अलग होगी जैसे की भविष्य मे ai एंजिनीरस , डेटा सैन्टिस्ट की दीमाण्ड तेजी से बढ़ेगी.
हेल्थ के सेक्टर मे भी इसका बहुत बड़ा रोल होगा लेकिन डॉक्टरों की जरूरत त हमेशा ही रहेगी, एक मशीन बीमारी का जाच तो कर सकता हैं लेकिन इलाज नहीं , इलाज के लिए डॉक्टर की आवश्यकता हमेशा ही रहेगी.
इसका सबसे बड़ा बदलाव आएगा लोगों के स्किल में , अब सिर्फ डिग्री हासिल कर लेने से नौकरी नहीं मिलेगी. कंपिनीज़ अब ऐसे लोग को अपने टीम में रखना चाहती हैं जो जल्दी से किसी समस्या का हल कर सके और वह के माहौल में ढाल सके.
आज के युवाओं के लिए यह एक धमकी भी है और एक मौका भी. जो लोग सिर्फ किताबी पढ़ाई करते हैं अब उन्हे इन सब चीजों का भी प्रैक्टिकल जानकारी होना भी बहुत जरूरी हैं. ताकि आगे आने वाले बदलाव के लिए वो सतर्क रहे और तयार भी.
Thenewspost - Jharkhand
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