विधायक श्वेता सिंह को क्यों किया गया था गिरफ्तार! किसके इशारे पर हुआ पूरा खेल, जानिए पूरी कहानी

    विधायक श्वेता सिंह को क्यों किया गया था गिरफ्तार! किसके इशारे पर हुआ पूरा खेल, जानिए पूरी कहानी

    रांची (RANCHI)बोकारो स्टील में मचे बवाल के बीच बोकारो विधायक श्वेता सिंह की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े किए हैं. आखिर श्वेता सिंह की गिरफ्तारी क्यों हो गई और फिर करीब 15 घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ भी दिया गया. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है सभी को छोड़कर विधायक को ही निशाना क्यों बनाया गया.

    सबसे पहले यह जान लेते हैं कि आखिर बोकारो स्टील में बवाल क्यों मचा और इसकी शुरुआत कैसे हुई .दरअसल अप्रेंटिस संघ की ओर से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा था और इस धरने में  युवाओं की मांग थी कि उनकी नियुक्ति पत्र और प्रशिक्षण जल्द पूरा कराया जाए लेकिन बोकारो स्टील प्रशासन की ओर से इस दिशा में पहल नहीं की जा रही थी. इसी दौरान गुरुवार को भी वार्ता हुई लेकिन इस दौरान वार्ता विफल होने के बाद नोक झोंक हुई और फिर सीआईएसएफ ने लाठी चला दिया जिसमें एक युवक की जान चली गई और दर्जनों  लोग अस्पताल में भर्ती हो गए. 

    जब आंदोलन उग्र हुआ लाठी चार्ज में मौत हो गई तो बोकारो विधायक श्वेता सिंह मौके पर पहुंची और स्थिति की पूरी जानकारी ली. इसके बाद बोकारो स्टील प्रशासन से वार्ता शुरू किया कि आखिर लाठी चार्ज कैसे की गई और कैसे एक युवक को मौत की नींद सुला दिया गया. इस बीच डुमरी विधायक जयराम महतो बोकारो स्टील के प्रशासनिक गेट के पास पहुंच गए लेकिन भीड़ पहले से जो आक्रोशित थी उसमें से मौजूद बोकारो विधायक श्वेता सिंह के समर्थकों ने जयराम  पर हमला कर दिया हालात ऐसे बन गए कि वहां पर कुछ भी घटना हो सकती थी. इस बीच जयराम महतो वहां से निकल गए और फिर जब वार्ता हो रही थी तो डुमरी विधायक जयराम  भी पहुंचे लेकिन यहां पर सीधे श्वेता सिंह और डुमरी विधायक के बीच आमने-सामने बहस शुरू हो गई.

    इस बीच फिर जयराम महतो वहां से चले गए लेकिन शुक्रवार को वार्ता के दौरान बात नहीं बनी और श्वेता सिंह अपने समर्थकों के साथ बोकारो स्टील के गेट पास पहुंचे और उसे बंद करने की कोशिश करने लगी. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

    लेकिन बोकारो स्टील में काम पूरी तरह से ठप्प हो गया और 5000 कर्मी प्लांट के अंदर ही बंद रहे.  विधायक के समर्थक प्लांट के आसपास डटे रहे. इस बीच 15 घंटे से अधिक विरासत में रखने के बाद पुलिस ने विधायक को छोड़ दिया.
    जब बोकारो विधायक श्वेता सिंह बाहर आए तो मीडिया से बात करते हुए गुस्से में दिखी और पूछा कि आखिर किस अधिकार के साथ गिरफ्तार किया गया था. यह सवाल प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से पूछेंगे. साथ ही विधायक जयराम  पर भी निशाना साधते हुए दिखाई दी. करीब 60 घंटे तक बोकारो में बवाल होता रहा. उसके बाद फिलहाल अब स्थिति सामान्य है और विधायक को हिरासत में रखने के पीछे का कारण साफ था कि किसी तरह से समर्थक उग्र ना हो और बवाल और बढ़े नहीं और बोकारो स्टील में काम भी शुरू हो गया है.


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