बृजभूषण सिंह के खिलाफ अब तक क्यों नहीं की गई कार्यवाई, क्या बीजेपी पार्टी पर पड़ सकता है इसका बुरा असर, जानिए   

    बृजभूषण सिंह के खिलाफ अब तक क्यों नहीं की गई कार्यवाई, क्या बीजेपी पार्टी पर पड़ सकता है इसका बुरा असर, जानिए

    टीएनपी डेस्क ( TNP DESK) : देश के पहलवान पिछले 4 महीने से रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. खिलाड़ियों ने सांसद पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. अब इस मुद्दे को देखते हुए सवाल ये खड़ा होता है कि आखिरकार इतने समय से चल रहे इस प्रदर्शन के बावजूद सांसद के खिलाफ कोई कार्यवाई क्यों नहीं की  जा रही हैं. ऐसी कौन सी मजबूरी है जिसकी वजह से पुलिस और प्रशासन बृजभूषण सिंह के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं. क्या वो मौजूदा लोक सभा के सदस्य हैं ये वजह है या उनका रसूख इतना हैं कि पुलिस कार्यवाई करने से डर रही है. क्या दिल्ली पुलिस इतनी कमजोर है कि वो एक एमपी पर इतने आरोपों के बावजूद एक्शन नहीं ले सकती है, इसमें सुप्रीम कोर्ट को केस करने का आदेश क्यों देना पड़ा? ऐसे में कई सवाल हैं जो इसे देखते हुए उठ रहे हैं.

    समर्थन में उतरे कई पॉपुलर चेहरे

    इस विवाद में बॉलीवुड से लेकर खेल जगत से जुड़े कई लोग पहलवानों के समर्थन में उतरे हैं. हरभजन सिंह, इरफान पठान, कपिल देव, नीरज चोपड़ा, अभिनव बिंद्रा और निखत जरीन सहीत कई खिलाड़ियों ने पहलवानों के समर्थन में ट्वीट किया है. इस बीच ट्विटर पर स्वरा भास्कर ने एथलीटों के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए बाकायदा एक वीडियो मैसेज दिया है, “शर्मनाक है कि हमारे टॉप अंतरराष्ट्रीय एथलीटों को यौन उत्पीड़न के खिलाफ सड़कों पर विरोध करने के लिए मजबूर किया जाता है लेकिन आरोपी भाजपा सांसद को सरकार द्वारा लगातार बचाया जा रहा है.

     

    क्या है बृजभूषण सिंह का पॉलिटिकल बैकग्राउंड

    बृजभूषण सिंह मौजूदा समय में कैसरगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के सांसद हैं जो पिछले 11 सालों से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष की कुर्सी संभाल रहे है. बृज भूषण सिंह 2011 से ही कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष हैं. वो 5 बार भाजपा के और एक बार सपा के टिकट पर उन्होंने जीत दर्ज की है. ब्रजभूषण की पत्नी जहां गोंडा जिला पंचायत अध्यक्ष हैं तो वहीं इनके बेटे प्रतीक भूषण भी गोंडा सदर से भाजपा के विधायक हैं. ऐसे में बीजेपी पर एक साथ चार जगहों में प्रभाव पड़ेगा. वही सांसद का दबदबा है जो साफ तौर पर इस मामले में देखने को मिल रहा है. जिन्होंने खेल के नियम बदल दिए और मजबूरन खिलाड़ी को भी यह नियम अपनाने पड़े. इस विवाद की मुख्य वजह ये बदले नियम भी हैं.

    बृजभूषण सिंह पर पहले भी लगे कई इल्जाम

    बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों को शरण देने के मामले में टाडा के तहत मामला भी दर्ज किया गया था. बाद में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया था. इतना ही नहीं सांसद पर डकैती, हत्या के प्रयास समेत दंगा भड़काने जैसे कई मामले दर्ज हैं.

    क्या है पूरा मामला

    यह मामला इस साल जनवरी में शुरू हुआ था, जब सबसे पहले पहलवानों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके कुश्‍ती महासंघ के अध्‍यक्ष के खिलाफ आरोप लगाते हुए इस मुद्दे को उठाया था. जिसके तुरंत बाद वो धरने पर बैठ गए. इस घरने में विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मालिक जैसे नामी पहलवान शामिल है. इस कड़ी में धीरे-धीरे पहलवानों के समर्थन में और भी आवाजें उठने लगीं. सोशल मीडिया पर पोपुलर से लेकर आम लोग तक इसके सपोर्ट में अपनी आवाज उठाने लगे. बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने जांच समिति गठित करके इस मामले पर कार्रवाई का आश्‍वासन दिया. जिसके बाद पहलवान शांत हो गए. इस कार्यवाई में काफी देरी होने के बाद जब जांच समिति की रिपोर्ट आई तो पहलवान उससे संतुष्‍ट नहीं हुए. इसके बाद ये खिलाड़ी फिर से धरने पर बैठ गए हैं.



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