टीएनपी डेस्क(TNP DESK): झारखंड सरकार की ओर से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजनाओं के बीच बड़ी घोषणा अब सवालों के घेरे में आ गई है. राज्य की लाखों महिलाओं के खातों में हर माह 2500 की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे उन्हें कुछ हद तक आर्थिक सहारा मिल रहा है लेकिन इसी के साथ कुछ महीनों पहले सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने का दावा किया था. बिना किसी गारंटी के 20,000 तक का लोन उपलब्ध कराने की घोषणा. अब यह वादा धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है.
अब धुंधली पड़ रही है घोषणा
दरअसल, इस योजना को लेकर सरकार ने जोर-शोर से प्रचार किया था कहा गया था कि मार्च तक महिलाओं को बैंक के माध्यम से आसानी से 20,000 तक का लोन मिल सकेगा, जिससे वे छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बनें. इस घोषणा के बाद राज्य की लाखों महिलाओं के मन में उम्मीद जगी थी कि वे अब खुद का रोजगार शुरू कर पाएंगी लेकिन समय बीतने के साथ यह उम्मीद धुंधली पड़ती जा रही है. मौजूदा स्थिति यह है कि इस योजना को लेकर न तो कोई ठोस प्रगति दिखाई दे रही है और न ही सरकार की ओर से कोई स्पष्ट अपडेट सामने आया है.
आखिर इस योजना का भविष्य क्या है
महिलाओं में अब निराशा बढ़ने लगी है. कई लाभुक महिलाएं अब भी इंतजार कर रही हैं कि कब उन्हें यह लोन मिलेगा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई हलचल नजर नहीं आ रही. सबसे अहम बात यह है कि जिस योजना को लेकर शुरुआत में काफी चर्चा और राजनीतिक बयानबाजी हुई, अब उस पर पूरी तरह से सन्नाटा छा गया है. न सरकार इस पर कुछ कह रही है और न ही विपक्ष कोई सवाल उठा रहा है. ऐसे में महिलाओं के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इस योजना का भविष्य क्या है.
आखिर क्यों धरतल पर नहीं उतर पाई है योजना
सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के लागू न होने के पीछे कई तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें है. बताया जा रहा है कि बैंकों को अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले है कि इतने छोटे लोन को किस प्रक्रिया के तहत दिया जाए. इसके अलावा, बजट आवंटन और सब्सिडी को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.ऐसे में झारखंड की महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है. जिस उम्मीद के साथ उन्होंने इस योजना का इंतजार किया था, वह अब धीरे-धीरे खत्म होती दिख रही है.बड़ा सवाल यही है कि आखिर महिलाओं का यह इंतजार कब खत्म होगा, या फिर यह योजना सिर्फ एक घोषणा बनकर ही रह जाएगी.


