मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए काम की खबर! अब आसानी से आएंगे नंबर, जानिए एक्सपर्ट टिप्स से बेस्ट स्कोरिंग मेथड


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जैसे-जैसे फ़रवरी का महीना नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे छात्रों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. अब दिसम्बर का महीना समाप्ति की ओर है और ऐसे में मैट्रिक के छात्रों के लिए कुल मिलाकर एक महीने का समय बचा है. अब परीक्षाओं के मद्देनजर छात्र, 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुट चुके हैं.
इसी कड़ी में लाखों छात्र इन दिनों दबाव और असमंजस का सामना कर रहे हैं. परीक्षा नजदीक आते ही यह सवाल हर छात्र और अभिभावक के मन में रहता है कि पढ़ाई की सही रणनीति क्या हो और क्या कोचिंग लेना जरूरी है या नहीं. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सही योजना, नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन से बिना तनाव के भी अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं.
पढ़ाई की शुरुआत सही प्लानिंग से करें
एक्सपर्ट्स के अनुसार सबसे पहले छात्रों को पूरे सिलेबस को अच्छे से समझना चाहिए. हर विषय के चैप्टर को आसान, मध्यम और कठिन श्रेणी में बांटें और उसी अनुसार टाइम टेबल बनाएं. रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की पढ़ाई जरूरी है, लेकिन यह समय गुणवत्ता वाला होना चाहिए. पढ़ाई के दौरान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाना भी बेहद जरूरी है.
एनसीईआरटी और बोर्ड पैटर्न पर फोकस जरूरी
शिक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि 10वीं बोर्ड परीक्षा में अधिकतर सवाल एनसीईआरटी किताबों से ही पूछे जाते हैं. इसलिए सबसे पहले एनसीईआरटी को पूरी तरह तैयार करें. पिछले 5 से 10 साल के प्रश्न पत्र हल करने से परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक समझने में मदद मिलती है. इससे छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
रिवीजन और मॉक टेस्ट
केवल पढ़ लेना ही काफी नहीं है. नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट देना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हफ्ते में कम से कम दो मॉक टेस्ट जरूर दें और अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारें. इससे समय प्रबंधन और उत्तर लिखने की गति बेहतर होती है.
कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान दें
अक्सर छात्र गणित और विज्ञान जैसे विषयों से डरते हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डरने के बजाय रोज थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करें. कठिन सवालों को शिक्षक या सीनियर छात्रों से समझें. जरूरत पड़े तो अतिरिक्त क्लास या डाउट सेशन का सहारा लें.
मेंटल हेल्थ और आत्मविश्वास भी जरूरी
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि परीक्षा की तैयारी के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखना उतना ही जरूरी है जितना पढ़ाई करना. पर्याप्त नींद लें, हल्का व्यायाम करें और जरूरत पड़ने पर परिवार या शिक्षक से खुलकर बात करें. सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.
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