काम की बात:अब राशन कार्ड योजना में नहीं होगा फर्जीवाड़ा! मोदी सरकार लागू करने जा रही ये नया नियम


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):केंद्र सरकार की ओर से देश के गरीब और असहाय परिवार जो गरीबी रेखा से नीचे आते है, उन्हें हर महीने मुफ्त में राशन मिलता है, ताकि उनको भर पेट खाना मिल सके. ऐसे में सरकार की ओर से राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाता है जिसको दिखाकर लाभुक पीडीएफ दुकान से हर महीने राशन उठाते है.दरअसल राशन कार्ड योजना वैसे लोगों के लिए शुरू की गई है जिनकी आमदनी बहुत कम है,जिनको भर पेट खाना भी नहीं मिल पाता है लेकिन इस योजना का लाभ ऐसे लोग भी गलत तरीके से उठा उठ रहे है जो हर तरह से संपन्न है.
नयी व्यवस्था से फ़र्ज़ीवाडा पर लगेगा रोक
सरकार ने ऐसे फर्जी लाभुकों से बचने के लिए अब एक नया नियम लागू किया है जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है.जिसके तहत अब राशन कार्ड के लाभुको को ई रुपी के रूप में डिजिटल कूपन मिलेगा.जिस कूपन को दिखा कर कोई भी राशन कार्ड का लाभुक राशन खरीद सकता है. यह कूपन सीधे लाभुक के डिजिटल वॉलेट में भेजा जाएगा.जिसे कोई अन्य सामान नहीं खरीदा जा सकता है. इससे केवल राशन की सामग्री ही खरीद सकते है.
योजना और अधिक प्रभावशाली और पारदर्शी होगा
आपको बता दें कि सरकार की इस नई व्यवस्था से राशन कार्ड योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है.जहां अभी तक आपको सब्सिडी का लाभ मिलता है. वहीं अब डिजिटल करेंसी के जरीये ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशि सिर्फ उदेश्य पर ही खर्च किया जाए यानी कि केवल राशन खरीद पर ही इसका खर्च किया जाएगा.विशेषज्ञों का मनाना है कि इस नई व्यवस्था से राशन कार्ड योजना में फर्जीवाड़ा और लीकेज पर रोक लगाने में काफी हद तक मदद मिलेगी.
सरकार लाभुको और सब्सिडी पर रखेगी नजर
आपको बता दे की सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है.वही इसमे बीच में गड़बड़ियों की शिकायतें भी आती है.लेकिन डिजिटल करेंसी से सरकार सीधे लाभुकों पर नजर रखेगी इसे किस काम पर खर्च किया गया है .आपको बता दें कि नई व्यवस्था भारत के डिजिटल अर्थव्यवस्था अभियान का एक अहम हिस्सा है.
4+