TNP DESK: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है. हाल ही में अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और हथियारों से लैस नौकाओं को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की. इस हमले के बाद ईरान की सेना से जुड़े संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है.
आईआरजीसी के उप कमांडर मोहम्मद अकबरजादेह ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिमी देशों पर बढ़ती तेल और गैस कीमतों का असर साफ दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के बाजार मौजूदा हालात के प्रति संवेदनशील हैं और क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है. साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रही तो उसका जवाब भी उसी ताकत से दिया जाएगा.
ईरान ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले 25 जहाजों की निगरानी और सुरक्षा उसकी नौसेना ने की. इनमें तेल टैंकर, कंटेनर शिप और अन्य कारोबारी जहाज शामिल थे. आईआरजीसी का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण पूरी तरह मजबूत और सक्रिय बना हुआ है.
बयान में यह भी कहा गया कि ईरानी नौसेना हर गतिविधि पर नजर रख रही है और किसी भी हमलावर कदम का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है. गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में उन ठिकानों पर हमला किया था, जहां कथित तौर पर मिसाइल लॉन्च सिस्टम और समुद्री बारूदी सुरंगों से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक बाजार और ऊर्जा कीमतों पर भी पड़ सकता है.

