जाम हटाने गए वर्दी वाले को पहले दी गंदी गालियां, फिर किया उसका ऐसा हाल, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    नवादा (NAWADA): पुलिस वालों को आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है. ऐसे में आमतौर पर तो पुलिस वालों से लोग इस कदर दूर भागते हैं जैसे मानो देखते ही वह लोगों को जेल में डाल देंगे. लोगों का यह मानना है की पुलिस वालों से ना दोस्ती अच्छी होती है और नाही दुश्मनी. पर इन दिनों सोशल मीडिया पर वर्दी वाले का एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देख आप भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे की जिस वर्दी वाले को हमारी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है, शायद उन्हें ही मदद की जरूरत है. 

    मामला बिहार के  नवादा जिले का है जहां पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प का मामला सामने आया है. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ लोग ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करते नज़र आ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, एक युवक ने भी पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे मामला और तूल पकड़ता जा रहा है.

    घटना नवादा-हिसुआ मार्ग पर स्थित शोभिया मंदिर के पास की बताई जा रही है. पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यातायात थाना में तैनात सिपाही मनोज सिंह अपने एक सहयोगी के साथ जाम हटाने के लिए मौके पर पहुंचे थे. इसी दौरान एक मैजिक वाहन चालक ने गलत दिशा में वाहन घुसा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया.

    सिपाही ने चालक को वाहन हटाने के लिए कहा, लेकिन उसने निर्देश मानने से इनकार कर दिया. स्थिति को रिकॉर्ड करने के लिए जब सिपाही ने मोबाइल से वीडियो बनाना चाहा, तो चालक ने कथित तौर पर उसका मोबाइल छीन लिया. इसके बाद वहां मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया. भीड़ ने सिपाही के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी.

    सूचना मिलते ही गश्ती दल और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया गया. पुलिस ने मुख्य आरोपी मैजिक वाहन चालक विकास कुमार सिंह को वाहन सहित हिरासत में लेकर नगर थाना भेज दिया और गाड़ी को जब्त कर लिया.

    हालांकि, गिरफ्तार चालक विकास कुमार सिंह ने पुलिस पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया है. इस बीच पुलिस ने सिपाही के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें विकास कुमार सिंह, उसके सहयोगी राहुल कुमार और वाहन मालिक रोहित कुमार सहित 8-10 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है. आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मी पर हमला करने और यातायात व्यवस्था बिगाड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

    इस घटना से जुड़े कुछ अन्य वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें एक युवक खून से लथपथ हालत में वाहन से उतरता दिखाई दे रहा है. इन दृश्यों के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है.



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