टीएनपी डेस्क ( TNP DESK) : भारत में कई ऐसी चीजें है जो काफी अनोखी है. जिसे कही और नहीं पाया गया है. इनमे से कुछ चीजों के बारे में लोग जानते है तो वही कई चीजों को लेकर अब भी अनजान है. आज हम आपको एक ऐसी ही चीज के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते है. आपने पार्सल को वाहनों के जरिए तो आते सुना होगा मगर क्या आपने पार्सल को नाव के जरिए जगह जगह पहुंचते सुना है ? आपके अपने आस पास डाक घर देखे होंगे पर कभी आपने तैरता हुआ डाक घर देखा है. जी हाँ ये बात सच है. भारत में एक ऐसा डाक घर है जो पानी में तैरता है. यह तैरने वाला पोस्ट ऑफिस जम्मू-कश्मीर में है. यह पोस्ट ऑफिस डाक झील में एक विशाल हाउसबोट पर मनोरम बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच में है. जो भी पर्यटक श्रीनगर आते हैं यह फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस उनके बन जाता है आकर्षण का केंद्र बन जाता है.
साल 2011 में हुआ था उद्घाटन
यह पूरे विश्व में एकमात्र तैरता हुआ डाकघर है. इस बोट पर फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस लिखा हुआ है. इस फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन साल 2011 में जम्मू कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ-साथ तत्कालीन संचार और ईट राज्य मंत्री सचिन पायलट ने किया था. यह डाकघर ना केवल स्थानीय लोगों द्वारा पत्रों को पोस्ट करने के लिए है बल्कि यह पर्यटक स्पॉट भी है जहां लोग इसे देखने के लिए पहुंचते हैं.
जानिए के कुछ है खास
इस डाकघर की सुविधा की बात करें तो यहां कई तरह की सुविधा उपलब्ध है. यहां पर इंटरनेट सुविधा से लेकर अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल तक किया जा सकता है. इतना ही नहीं इसमें एक स्मारक की दुकान भी है जहां से आप पोस्ट का टिकट स्थानीय आइटम और ग्रीटिंग कार्ड जैसी चीजों को खरीद सकते हैं.
लोगों की समस्या हुई दूर
आपके मन में यह भी सवाल आ रहे होंगे कि आखिर ये डाक घर कैसे काम करता है. तो बता दें कि यह अदा किया शिकारा में बैठे हाउसबोट और झील में स्थित फ्लोटिंग मार्केट में दुकानदारों और व्यापारियों के पास जाते हैं और उनके पास तो प्राप्त कर संबंधित पतों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है. इसके अलावा एक फोन नंबर जारी किया गया है जिससे फोन कर कर पार्सल के बारे में जानकारी दी जाती है और उसके बाद डाकिया उसे लेने पहुंच जाता है फिर वही पार्सल लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है. इससे पहले लोगों को पार्सल लेने के लिए झील पर करना पड़ता था. इस समस्या को देखते हुए इस बोर्ड को तैयार किया गया था कि वह झील में चारों तरफ चला रहे और लोगों को पार्सल लेने और देने में किसी प्रकार की समस्या ना आए.


