टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में स्कूलों की कमी नहीं है, पर राज्य में ऐसे स्कूलों की मारा-मारी जरूर है जहां अगर आपने बच्चे का दाखिला करा दिया तो आप उसके करियर की टेंशन भूल सकते हैं. वहीं अब स्कूल की हो रही है तो बच्चों के करियर की नीव मजबूत करने के लिए जरूरी है की शुरुआत से ही उनका दाखिला बेहतरीन मोंटेसरी स्कूल में कराया जाए. ऐसे में अब सवाल उठता है की आखिर राज्य में कौन कौन से बेहतरीन मोंटेसरी स्कूल हैं, जहां दाखिला लेने के लिए मारा-मारी होती है.
ऐसे में अगर आप भी अपने बच्चे का दाखिला कराने की सोच रहे हैं पर आपको भी यह कन्फ्यूजन है तो यह खबर आपके बड़े काम की है. यहाँ राज्य के वैसे मोंटेसरी स्कूल की चर्चा होगी जहां एडमिशन लेना काफी मुश्किल है. साथ ही उन स्कूलों में एडमिशन प्रोसेस के बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे.
सेंट मैरी स्कूल, रांची : रांची का सेंट मैरी स्कूल राज्य के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित नर्सरी स्कूलों में गिना जाता है. यह स्कूल अपनी अनुशासन, गुणवत्ता शिक्षा और नैतिक मूल्यों के लिए खास पहचान रखता है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है.
स्कूल में अनुभवी शिक्षकों की टीम है, जो छात्रों को मजबूत अकादमिक आधार देने के साथ-साथ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करती है. इसके अलावा, यहां खेल, संगीत, नृत्य और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी बराबर जोर दिया जाता है.
इस स्कूल में एडमिशन लेना काफी मुश्किल है और यहाँ दाखिले के लिए लोग रात भर भी लाइनों में खड़े रहते हैं. अमूमन इस सककुल के लिए सितंबर-ऑक्टोबर के महीने में एडमिशन फॉर्म निकलता है. वहीं फॉर्म भरने के बाद लोटरी सिस्टम से एससी में बच्चों का दाखिला लिया जाता है.
लोयोला स्कूल, जमशेदपुर : लोयोला स्कूल राज्य के सबसे प्रतिष्ठित मोंटेसरी स्कूलों में गिना जाता है, जहां शुरुआती शिक्षा से ही बच्चों के सर्वांगीण विकास पर खास ध्यान दिया जाता है. इस स्कूल में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतरीन सुविधाएँ उपलब्ध है. साथ ही यहाँ की मजबूत अकेडमिक रिकॉर्ड के भी चर्चे सुनने को मिलते हैं. यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और नैतिक शिक्षा से भी जोड़ा जाता है.
यहाँ एडमिशन प्रक्रिया काफी प्रतिस्पर्धी होती है. आमतौर पर नर्सरी या केजी कक्षाओं के लिए आवेदन फॉर्म नवंबर-दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं. इसके बाद बच्चों और अभिभावकों का इंटरैक्शन सेशन या इंटरव्यू लिया जाता है. चयन प्रक्रिया में सीमित सीटों के कारण मेरिट और इंटरैक्शन दोनों का महत्व होता है.
डी नोबिली स्कूल, धनबाद : डी नोबिली स्कूल भी झारखंड के टॉप स्कूलों में शामिल है, जो बच्चों को शुरुआती स्तर से ही मजबूत शैक्षणिक आधार प्रदान करता है. यह स्कूल आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन पर विशेष जोर देता है. यहां स्मार्ट क्लास, खेल सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का भी अच्छा माहौल मिलता है.
एडमिशन के लिए फॉर्म आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में जारी होते हैं. आवेदन के बाद बच्चों का इंटरैक्शन या बेसिक असेसमेंट लिया जाता है. कुछ मामलों में लॉटरी सिस्टम भी अपनाया जाता है. सीमित सीटों के कारण यहां दाखिला पाना काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है.
Thenewspost - Jharkhand
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