सदन में धक्का मुक्की तो सड़क पर लाठी डंडे से हुई मारपीट! कांग्रेस -भाजपा आमने-सामने, देखिए वीडियो

    सदन में धक्का मुक्की तो सड़क पर लाठी डंडे से हुई मारपीट! कांग्रेस -भाजपा आमने-सामने, देखिए वीडियो

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): गुरुवार का दिन बवालों से भरा रहा. संसद में माननीय ने गरिमा को तार तार कर दिया तो सड़क पर माननीय के समर्थक भी आपस में भिड़ गए. तस्वीर देखने से लगता है कि कोई सड़क छाप आदमी आपस में किसी बात को लेकर लड़ाई कर रहा है. कोई भी आम नहीं है बल्कि खास और माननीय है.

    पहली तस्वीर देश की सर्वोच्च सदन की है इसमें दिख रहे लोग कोई और नहीं बल्कि भाजपा और कांग्रेस के सांसद महोदय है,भीम राव अंबेडकर के अपमान को लेकर प्रदर्शन कर रहे है. इस बीच झड़प हो गई. दूसरी तस्वीर पटना की है,यहाँ भाजपा-कांग्रेस के समर्थक सदन की घटना को लेकर सड़क पर उतरे तो आपस में आपस में भिड़ गए,सदन में तो धक्का मुक्की हुई यहाँ इससे बढ़ कर कारनामा दिखा. लाठी डंडे चलने लगे.

    दरअसल गुरुवार को बाबा साहब अंबेडकर को लेकर लोकसभा में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और भाजपा के सांसद आपस में भीड़ गए. धक्का मुक्की में कई सांसद घायल हो गए. भाजपा के बालासोर से सांसद सारंगी और फरुक्काबाद सांसद मुकेश राजपूत घायल हो गए. जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस धक्का मुक्की का आरोप नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर लगा है. भाजपा सांसद बताते है कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दे दिया जिससे वह बुजुर्ग सांसद सारंगी पर गिर गए. जिस वजह से उनके सर पर चोट लगी है.

    धक्का मुक्की का आरोप सिर्फ एक तरफ नहीं लगा है. I.N.D.I.A की ओर से भी सवाल खड़ा किया गया है. जिसमें बताया है कि सांसद मलिकार्जुन खरगे,राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ भी धक्का मुकी की गई है. इसपर प्रियंका गांधी ने कहा कि I.N.D.I.A ब्लॉक के सांसद शांतिपूर्ण तरीके से अपने समय पर प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन भाजपा के लोगों ने बवाल शुरू कर दिया है.

    यह बात तो संसद की हो गई. अब सड़क पर समर्थक कैसे शांत रहने वाले थे. क्योंकि नेता जी को ही तो अपना आदर्श मानते है. बस और क्या था पटना के शदाकत आश्रम के पास यूथ कांग्रेस के  दफ्तर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू किया तो कांग्रेस यूथ के कार्यकर्ता भी जोश में आगए और आपस में भीड़ गए. यहाँ सिर्फ धक्का मुक्की नहीं हुई बल्कि लाठी डंडे भी चलने शुरू होगए.गनीमत रही की पुलिस मौके पर मौजूद थी दोनों पक्ष को शांत कराया. बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मुस्तैदी कर दी गई.       

    अब सवाल  इन तमाम माननीय और इनके समर्थकों से है. आखिर जिस संविधान और बाबा भीड़ राव अंबेडकर के लिए लड़ाई सभी लड़ रहे है. क्या उस संविधान में कही हिंसा और मारपीट कर अपने अधिकार लेने का जिक्र किया गया है. आखिर किस ओर देश को लेकर जा रहे है. क्या माननीय भी जब ऐसी हरकत करेंगे तो इसका असर आपके समर्थक पर क्या पड़ेगा.      

                               

     

     

          



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