रिश्तों का कत्ल : बेटा करोड़पति, पोता आईएएस, फिर आखिर क्यों बुजुर्ग मां-बाप ने दी जान 

    रिश्तों का कत्ल : बेटा करोड़पति, पोता आईएएस, फिर आखिर क्यों बुजुर्ग मां-बाप ने दी जान 

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : जो माँ-बाप अपने बच्चों को पाल पोष कर बड़ा करते हैं, जिन्हें वो अपने बुढ़ापे का सहारा मानते है, वहीं माँ-बाप कुछ बच्चों के लिए बोझ बन जाते हैं. माँ बाप को अपने बच्चों पर फक्र होता है कि वो उनके बुढ़ापे का सहारा बनेंगे मगर वही बच्चे आगे चलकर उनके जान के दुश्मन बन जाए तो क्या होगा. हरियाणा के चखरी दादरी से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक बुजुर्ग माँ- बाप ने सल्फास की गोलियां खाकर सुसाइड कर ली. सुसाइड करने वाले दोनों बुजुर्ग दंपति आईएएस विवेक आर्य के दादा और दादी हैं.  विवेक आर्य 2021 में हरियाणा कैडर आईएएस अधिकारी चुने गए थे.

    मरने से पहले बुजुर्ग दंपत्ति ने बाकायदा पुलिस को एक सुसाइड नोट सौंपी जिसमें उन्होंने जो कुछ लिखा था उसे सुनकर लोगों का इंसानियत पर से भरोसा उठ जाएगा. पिता ने चिट्ठी में लिखा था कि- ‘मेरे बेटे के पास 30 करोड़ की संपत्ति है, लेकिन खाने में हमें सुखी और बासी रोटी देते हैं. कब तक इस मीठे जहर को खाते इसलिए हमने सल्फास की गोलियां खा ली.

    पुलिस ने 4 लोगों पर किया मुकदमा

    सबसे आश्चर्य की बात तो ये है कि बुजुर्ग पिता ने सुसाइड से पहले पुलिस को इसकी सूचना दी. दरअसल दंपति ने पुलिस कंट्रोल रुम को फोन कर जहर खाने की बात कही थी. पुलिस जब दंपति के पास पहुंची तो उन्होंने एक लेटर थमा दिया था. उनकी हालत बिगड़ता देख पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया. जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर परिवार के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

    सुसाइड नोट में कही ये बात

    मैं जगदीश चंद आर्य आपको अपना दुख सुनाता हूं. मेरे बेटों के पास बाढ़ड़ा में 30 करोड़ की संपत्ति है, लेकिन उन के पास मुझे देने के लिए दो रोटी नहीं हैं. मैं अपने छोटे बेटे के पास रहता था. 6 साल पहले उसकी मौत हो गई. कुछ दिन उसकी पत्नी ने उसे रोटी दी, लेकिन बाद में उसने गलत काम धंधा करना शुरू कर दिया. मेरे भतीजे को अपने साथ ले लिया. मैने इसका विरोध किया तो उनको यह बात अच्छी नहीं लगी. क्योंकि मेरे रहते हुए वे दोनों गलत काम नहीं कर सकते थे. इसलिए उन्होंने मुझे पीटकर घर से निकाल दिया. मैं दो साल तक अनाथ आश्रम में रहा और फिर आया तो इन्होंने मकान को ताला लगा दिया. इस दौरान मेरी पत्नी को लकवा आया और हम दूसरे बेटे के पास रहने लगे. अब उन्होंने भी रखने से मना कर दिया और मुझे बासी आटे की रोटी और दो दिन का दही देना शुरू कर दिया. ये मीठा जहर कितने दिन खाता, इसलिए मैंने सल्फास की गोली खा ली. मेरी मौत का कारण मेरी दो पुत्रवधु, एक बेटा व एक भतीजा है. जितने जुल्म इन चारों ने मेरे ऊपर किया, कोई भी संतान अपने माता-पिता पर न करें. मेरी सुनने वालों से प्रार्थना है कि इतना जुल्म मां-बाप पर नहीं करना चाहिए और सरकार और समाज इनको दंड दे. तब जाकर मेरी आत्मा को शांति मिलेगी. मेरी जमा पूंजी बैंक में दो एफडी और बाढ़ड़ा में दुकान है वो आर्य समाज बाढड़ा को दी जाए.

    बीमारी के कारण किया सुसाइड: पुत्र वीरेंद्र 

    वही इस मामले में मृतक के बेटे वीरेंद्र का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव में दोनों बीमारी के चलते परेशान थे. इस कारण उन्होंने यह कदम उठाया है.

    चार लोगों पर कारवाई

    इस मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर परिवार के ही चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने को मामला दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस मामले में गंभीरता से छानबीन कर रही है.

     

     

     

     

     


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