गढ़वा (GARHWA): जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पुलिस की छवि को एक नई पहचान दी है. जहां अक्सर पुलिस सख्ती के लिए जानी जाती है, जहां थाने में मारपीट, जमीन विवाद से जूड़े सुलझाये जाते है, वहां एक ऐसा मामला सुलझाया, एक टूटते रिश्ते को जोड़कर उसे जीवनभर के बंधन में बदल दिया. हुसरू गांव की एक प्रेम कहानी, जो टूटने के कगार पर थी, पुलिस की पहल से सुखद अंत तक पहुंची है.
हुसरू गांव की 19 साल की अनिता कुमारी और सुंडी पासवान निवासी सत्येंद्र उरांव के बीच पिछले कई सालों से प्रेम संबंध था. दोनों ने साथ रहने की कसमें खाई थीं, लेकिन हाल ही में सत्येंद्र ने शादी से इनकार कर दिया. इससे आहत अनिता अपनी दादी पान कुंवर देवी के साथ न्याय की उम्मीद लेकर खरौंधी थाना पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई.
मामले की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी गुलशन कुमार गौतम ने तुरंत पहल की. उन्होंने सत्येंद्र और उसके परिजनों को थाने बुलाकर दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत कराई. काफी देरतक समझाने के बाद आखिरकार दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए और शादी पर सहमति बन गई.
इसके बाद बिना देर किए थाना प्रशासन की देखरेख में खरौंधी स्थित शीतला देवी मंदिर में विवाह समारोह आयोजित किया गया. यहां अनिता और सत्येंद्र ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की. इस खास मौके पर दोनों परिवारों के सदस्य, ग्रामीण और मंदिर समिति के लोग भी मौजूद रहे.
पुलिस की इस मानवीय पहल की इलाके में खूब सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह संवेदनशीलता के साथ मामलों को सुलझाया जाए, तो कई परिवार टूटने से बच सकते हैं. यह घटना न सिर्फ एक प्रेम कहानी का सुखद अंत है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही पहल से रिश्तों को नई दिशा दी जा सकती है.


