इस बार नहीं टलेगा निकाय चुनाव! आयोग ने संभाली कमान, मार्च से पहले हो सकते हैं मतदान, SIR नहीं बनेगा वजह


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. राज्य में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के बावजूद नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे. इसे लेकर गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक में राज्य के गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास सचिव के साथ-साथ सभी जिलों के डीसी और एसपी शामिल हुए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में चुनाव से जुड़ी तमाम तैयारियों की समीक्षा की गई. इस दौरान कुछ जिलों द्वारा अब तक आवश्यक रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नाराजगी जताई और जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया. खास तौर पर गोड्डा, दुमका और सरायकेला-खरसावां जिलों से मतपेटिकाओं की जरूरत, उपलब्धता और मरम्मत से जुड़ी रिपोर्ट नहीं मिलने पर असंतोष व्यक्त किया गया.
नगर निकाय चुनाव पर SIR का कोई असर नहीं
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बैठक के बाद बताया कि चुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई है और लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने साफ कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का नगर निकाय चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. नगर निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन कर्मियों, निर्वाची पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य संबंधित कर्मियों का प्रशिक्षण इसी महीने पूरा करा लिया जाएगा. मीडिया से आयोग के सचिव ने कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम समाप्त कर लिया जाएगा और जल्द ही चुनाव की घोषणा भी कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि मेयर और अध्यक्ष पद के आरक्षण को भी जल्द अंतिम रूप देकर सार्वजनिक किया जाएगा. इस संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग के निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किसी तरह की समय-सीमा तय करने का प्रावधान नहीं है.
मार्च से पहले चुनाव पूरे होने की उम्मीद
कुल मिलाकर, राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि यदि कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई, तो इस बार नगर निकाय चुनाव मार्च से पहले ही संपन्न करा लिए जाएंगे.
खर्च और सुरक्षा व्यवस्था पर खास निर्देश
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्देश दिया गया कि चुनाव के लिए जरूरी राशि का आकलन कर जिलों से व्यय राशि की मांग ली जाए. साथ ही मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन करने तथा जरूरत के अनुसार बलों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया.
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