कैबिनेट में लाए प्रस्ताव का दिखा असर ! कैबिनेट सचिव ने ED को लिखा पत्र, पूछा-साहेबगंज डीसी और सीएम के प्रेस सलाहकार को क्यों बुलाया गया ?  

    कैबिनेट में लाए प्रस्ताव का दिखा असर ! कैबिनेट सचिव ने ED को लिखा पत्र, पूछा-साहेबगंज डीसी और सीएम के प्रेस सलाहकार को क्यों बुलाया गया ?

    टीएनपी डेस्क (Tnp desk): कुछ दिन पहले कैबिनेट मीटिग में ये प्रस्ताव पास हुआ था कि किसी बाहरी एजेंसी यानि ईडी,सीबीआई या फिर आईटी को राज्य के किसी अधिकारी को जांच की प्रक्रिया से गुजरने से पहले विभागीय प्रोसेस के तहत अनुमति लेनी पड़ेगी. इसी का असर देखने को मिलने लगा है.  कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने ईडी को पत्र लिखकर पूछा है कि किन वजहों से सीएम हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक उर्फ पिंटू ,साहेबगंज उपायुक्त और दूसरे अधिकारियों को बुलाया गया . 

    अवैध खनन पर ईडी कर रही जांच 

    मालूम हो कि साहेबगंज के 1000 करोड़ रुपए अवैध खनन मामले में ईडी जांच कर रही है. इसी बाबत वहां के डीसी रामनिवास यादव से पूछताछ होनी थी. लेकिन, गुरुवार को नहीं पहुंचे. 15 जनवरी को जाने माने आर्टिटेक्ट विनोद सिंह  और 16 तारीख को अभिषेक कुमार पिंटू को भी समन भेजकर बुलाया गया है. अब देखना है कि ये जांच एजेंसी के ऑफिस में पहुंचते हैं या नहीं . 
    कैबिनेट सचिव वंदना दादेल की चिट्ठी का आखिर क्या असर होता है.  जांच एजेंसी जवाब देती है या फिर नहीं . या फिर कुछ अलग मोड़ देखने को मिलेगा. फिलहाल इन सारे सवालों का जवाब तो भविष्य के गर्भ में छुपा हुआ  है. मालूम हो कि जमीन घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सात बार समन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी दिया था. लेकिन, सीएम ने इसे दरकिनार कर हाजिर नहीं हुए. ऐसे हालात में झारखंड की राजनीति भी गरमा गई थी. अभी फिलहाल, सन्नाटा पसरा हुआ है. 

    3 जनवरी को हुई थी ईडी की छापेमारी 

    3 जनवरी को जांच एजेंसी ने 3 जनवरी को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अभिषेक कुमार पिंटू के रातू रोड स्थित आवास पर छापेमारी की थी. इसके साथ ही साहिबगंज के डीसी रामनिवास यादव के कैंप कार्यालय और राजस्थान स्थित आवास पर भी छापा मारा था. इसे साथ ही रांची स्थित आवास में आर्किटेक्ट विनोद सिंह के आवास में भी रेड किया था. ईडी ने झारखंड ,बिहार ,राजस्थान और पश्चिम बंगाल के कम से कम 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी .  

    कुछ दिन पहले कैबिनेट में लाया गया था प्रस्ताव 

    हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में कैबिनेट की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया था. जिसमे कोई भी पदाधिकारी किसी भी बाहरी जांच एजेंसी के समन या बुलावे पर सीधे नहीं जा सकते . पहले उन्हें विभाग के अध्यक्ष के माध्यम से कैबिनेट को जानकारी देनी होगी. कैबिनेट को जानकारी मिलने के बाद विभाग तय करेगा कि आखिर आगे क्या करना है. मालूम हो कि इससे पहले राज्य के दो आईएस अफसर ईडी की पूछताछ के बाद जेल में बंद है.   


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