मोह कुर्सी का जाता नहीं...बेवफ़ा मुझको कहना न लोगों , CM  रहने की आदत पड़ी है.... एक बच्चे का गाना वायरल

    मोह कुर्सी का जाता नहीं...बेवफ़ा मुझको कहना न लोगों , CM  रहने की आदत पड़ी है.... एक बच्चे का गाना वायरल

    छपरा(CHAPRA): मोह कुर्सी का जाता नहीं है मेरे साथ ये मुश्किल बड़ी है, बेवफ़ा मुझको कहना न लोगों ,CM  रहने की आदत पड़ी है....." ये गाना छपरा जिले एक नौ वर्षीय रौनक रत्न ने गाया है.  इन दिनों सोशल मीडिया पर ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है. गाने में इस बच्चे ने CM नीतिश कुमार पर कटाक्ष किया है. बच्चे के गायन का अंदाज काफी निराला है. काफी मधुर स्वर में इस बच्चे ने इस गाने को बोल दिया है. बिहार में इन दिनों इस गाने की खूब चर्चा हो रही है. 

    खुलते ही मेरे स्कूल आ जाते हो कोरोना से फेमस हुआ

    बता दें कि रौनक रत्न छपरा जिले के मांझी थाना क्षेत्र के ताजपुर फुलवरिया के रहने वाले हैं. कोरोना की दूसरी लहर में सोशल मीडिया पर एक स्कूली बच्चे का गाना वायरल हुआ था, जिसके बोल थे- 'खुलते ही मेरा स्कूल आ जाते हो कोरोना, नेता जी की रैली में क्यों जाते नहीं कोरोना...।' उस वक्त इस गीत गाने वाले इस बच्चे को कोई एमपी का बता रहा था तो कोई यूपी का, वहीं बिहार में अलग-अलग जगहों का बताकर वायरल किया जा रहा था. लेकिन वास्तव में यह बच्चा छपरा के एकमा प्रखंड स्थित एक निजी विद्यालय का है, जिसका नाम रौनक रत्न ही था. 

    सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

    रौनक  रतन का उम्र 9 वर्ष है. पांचवी कक्षा में पढ़ने वाला रौशन के पहले भी गाए कई गाने वायरल हो चुके हैं. कोरोना के समय वायरल हुआ पहला गीत स्कूल खुलते ही चले आते हो कोरोना को इंटरनेट पर जमकर तारीफ मिली थी. इसके बाद पढावल छोड़ी गुरुजी खोजी मधुशाला भी जमकर वायरल हुआ था. तीसरा गीत सोनुआ के पढ़ा दी को भी लोगों ने खूब पसंद किया था.  चौथे गाने के रूप में अग्निवीर को लोग खूब पसंद किए थे. रौनक रतन के पिता संगीत शिक्षक हैं.  प्रत्येक ज्वलंत मुद्दा पर गीत वायरल होने के बाद रौनक को जिले का वायरल बॉय कहा जाने लगा है.  वायरल गीत में रौनक के साथ उसके पिता द्वारा तबला बजाया जा रहा है. 



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