झारखंड के इन 3 स्कूलों से निकले बच्चे सीधे पहुंचते हैं IIT, AIIMS, यहां एडमिशन मिलना है लोहे के चने चबाने जैसा

    झारखंड के इन 3 स्कूलों से निकले बच्चे सीधे पहुंचते हैं IIT, AIIMS, यहां एडमिशन मिलना है लोहे के चने चबाने जैसा

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अगर आप भी झारखंड में रहते हैं और अपने बच्चे के लिए एक बेहतरीन स्कूल की तलाश कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बड़े काम की है. अपने बच्चों के भविष्य के लिए हर माँ-बाप बेस्ट ही चुनते हैं. ऐसे में जब बात उनके स्कूल के चयन की आती है तो अभिभावकों के मन में यह ख्याल जरूर आता है की हम अपने बच्चों को ऐसे स्कूल्स में भेजे जो सबसे अच्छा हो और जिससे आगे चलकर उनके बच्चे बेहतर इंजीनियर और डॉक्टर बन सके. ऐसे में अगर आप भी झारखंड में अच्छे स्कूलों की तलाश में हैं तो यहाँ आप राज्य के तीन ऐसे स्कूलों के बारे में जानेंगे जो टॉप 3 की केटेगरी में आते हैं. 

    रांची में कुछ ऐसे प्रतिष्ठित स्कूल हैं जहां पढ़ाई का माहौल और गाइडेंस छात्रों को IIT, AIIMS जैसी शीर्ष संस्थानों की तैयारी में मजबूत आधार देता है. यहां की अनुशासनयुक्त दिनचर्या और पढ़ाई का वातावरण छात्रों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में काफी मदद करता है. 

    डीपीएस रांची: इस सूची में सबसे पहले डीपीएस रांची का नाम आता है. खासकर 11वीं–12वीं के छात्रों के लिए यहां की दिनचर्या बेहद सुव्यवस्थित होती है. प्लस टू के बच्चों की छुट्टी दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच कर दी जाती है ताकि वे घर जाकर सेल्फ स्टडी पर अधिक समय दे सकें. छात्रों को करियर और पढ़ाई को लेकर नियमित रूप से काउंसलिंग भी दी जाती है. यहां एडमिशन पाना आसान नहीं है, कक्षा 10वीं में 95% या उससे अधिक अंक अनिवार्य माने जाते हैं. इसी कारण यहां के बच्चे बेहद मेधावी होते हैं और प्रतिस्पर्धा भी काफी उच्च स्तर की होती है. पूरे परिसर में एक सकारात्मक और प्रेरक वातावरण महसूस होता है. 

    जेवीएम श्यामली: दूसरा प्रमुख नाम है जेवीएम श्यामली. यहां का वातावरण भी पढ़ाई के लिए एकदम अनुकूल माना जाता है. क्लासरूम में शांत माहौल रहता है और प्रिंसिपल स्वयं समय-समय पर कक्षाओं का निरीक्षण करते हैं. पूरे स्कूल में सीसीटीवी से सख्त निगरानी रखी जाती है. यहां एडमिशन के लिए 10वीं में लगभग 92% या उससे अधिक अंक आवश्यक होते हैं. छात्रों को करियर प्लानिंग और लक्ष्य निर्धारण में लगातार मार्गदर्शन दिया जाता है. यही कारण है कि यहां के विद्यार्थी हर साल NEET और JEE जैसी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हैं और देश के शीर्ष मेडिकल तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाते हैं. 

    नेतरहाट विद्यालय : झारखंड के बेहतरीन स्कूलों में नेतरहाट स्थित आवासीय विद्यालय की स्थापना 1954 में हुई थी. स्कूल राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों और अधिकारियों को तैयार कर चुका है. नेतरहाट विद्यालय में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्रों का चयन किया जाता है, और परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली भाषाओं में आयोजित की जाती है. यह एक आवासीय विद्यालय है जहाँ कक्षा 6 से पढ़ाई होती है, साथ ही यहाँ रहने की सुविधा भी प्रदान की जाती है.


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