कद्दू भात के साथ छठ पूजा की शुरुआत, जानिए आज के इस खास दिन का महत्व

    कद्दू भात के साथ छठ पूजा की शुरुआत, जानिए आज के इस खास दिन का महत्व

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं बल्कि एक एहसास है. एक ऐसा एहसास जिससे लाखों करोड़ों लोग जुड़े होते हैं. 17 नवंबर यानि आज से इसकी शुरुआत हो गई है. पहले दिन नहाए खाए हैं और इस नहाए खाए के दिन कद्दू भात बनने की परंपरा है. छठ पूजा में सूर्य देव की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि यह पर्व इसलिए भी मनाया जाता है ताकि हम प्रकृति से मिली चीजों का आभार व्यक्त कर सके.

    छठ पूजा के पहले दिन नहाए खाए

    छठ पूजा को नियमों के साथ मनाया जाता है एक-एक दिन इसका काफी खास है कहा जाता है कि हिंदू धर्म में जितने भी पर्व है उन सभी में से छठ पूजा सबसे ज्यादा कठिन है क्योंकि इसके नियम काफी सख्त हैं किसी भी प्रकार की चूक या अशुद्ध इस पूजा में नहीं की जाती है. इस बात को लेकर पूरा ध्यान रखा जाता है की पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री या जिस जगह पर पूजा हो रही है वहां पूरे प्रकार से शुद्धता के साथ सारे नियमों को किया जाए. छठ पूजा के पहले दिन नहाए खाए को चने की दाल अरवा चावल और कद्दू की सब्जी बनाकर छठ का व्रत शुरू किया जाता है.

    कद्दू से व्रती को मिलती है आसानी

    यदि कद्दू बात से शुरुआत करने के अन्य फायदे  के बारे में देखा जाए तो कद्दू भात के दूसरे दिन से व्रत करने वाले लोग निर्जला उपवास में रहते हैं. दूसरे दिन से लेकर सूरज ढलने के बाद तक पानी का एक बूंद भी नहीं पिया जाता ऐसे में निर्जला की शुरुआत करने से पहले कद्दू खाने से यह आपके शरीर को काफी हाइड्रेट रखता है 2 दिन तक की आपके शरीर में पानी की मात्रा को बरकरार रखना है. कद्दू में लगभग 92% पानी होता है ऐसे में यह खाना व्रतियों के लिए काफी लाभदायक भी है ऐसे में  अगले दो दिन का निर्जला व्रत को करने से थोड़ी आसानी होती है.



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